नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर नगर निगम की सियासत में भाजपा ने बड़ा और प्रतीकात्मक फैसला लिया है। महापौर के रूप में निता ठाकरे और उपमहापौर के रूप में लीला हाथीबेड़ के चुनाव के बाद अब पार्टी ने निगम की सभी समितियों की कमान महिलाओं को सौंपने का ऐलान किया है। इसमें सबसे अहम मानी जाने वाली स्थायी समिति और परिवहन समिति भी शामिल हैं।
दयाशंकर तिवारी ने विशेष महासभा से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि सभी विषय समितियों की अध्यक्ष महिला पार्षद होंगी। 151 सदस्यीय सदन में भाजपा के 102 पार्षद हैं और कुल 78 महिला पार्षद निर्वाचित हुई हैं, जिससे पार्टी के पास यह निर्णय लागू करने के लिए पर्याप्त संख्या बल है। खास बात यह रही कि प्रेस वार्ता में महापौर नीता ठाकरे और सत्तारूढ़ दल के नेता नरेंद्र बोरकर मौजूद नहीं थे, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं।
सबसे महत्वपूर्ण 16 सदस्यीय स्थायी समिति में भाजपा कोटे की 11 सीटों पर सभी सदस्य महिलाएं होंगी और अध्यक्ष भी महिला ही होंगी। यही फार्मूला परिवहन समिति और अन्य 10 विषय समितियों पर भी लागू होगा। तिवारी ने कहा कि नामों को सदन में अंतिम रूप दिया जाएगा और स्वीकृति के बाद राज्य सरकार को अधिसूचना के लिए भेजा जाएगा।
नगर निगम की राजनीति में यह कदम महिला नेतृत्व को मजबूत संदेश देने वाला माना जा रहा है। हालांकि, इससे कई पुरुष पार्षदों की उम्मीदों को झटका लगा है, जो प्रमुख समितियों में जगह की उम्मीद लगाए बैठे थे। अब नजर इस बात पर रहेगी कि महिलाओं के हाथों में पूरी कमान आने से प्रशासनिक कार्यकुशलता कितनी बढ़ती है और यह फैसला कितना प्रभावी साबित होता है।