नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में 17 मार्च को हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने अब तक 114 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आयुक्त रविंदर सिंघल ने बताया कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और हिंसा के दौरान सोशल मीडिया पर फैलाए गए पोस्ट की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने कुछ ऐसे लोगों की पहचान कर ली है, जिन्होंने इंटरनेट मीडिया के जरिए भड़काऊ सामग्री प्रसारित की थी।
यह हिंसा छत्रपति संभाजीनगर में मुगल शासक औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के विरोध प्रदर्शन के बाद भड़की अफवाहों के कारण भड़क उठी थी। नागपुर के कई इलाकों में उपद्रवियों ने जमकर पथराव और आगजनी की। इस दौरान हिंदू समुदाय के लोगों की गाड़ियों, दुकानों और घरों को निशाना बनाया गया। हिंसा में तीन पुलिस अधिकारियों समेत 33 पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि एक व्यक्ति की जान चली गई। हालात काबू में करने के लिए कई इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया था।
इस बीच, हिंसा के आरोपी यूसुफ शेख के भाई ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सभी वैध दस्तावेज और निर्माण की स्वीकृति होने के बावजूद उनके घर का एक हिस्सा तोड़ दिया गया। वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच लगातार जारी है और सभी आरोपी कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किए जा रहे हैं।