नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर के इमामवाड़ा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को अपनी बेटी की सुरक्षा के लिए आवाज उठाना भारी पड़ गया। 53 वर्षीय नरेश वालदे, जो पेशे से पेंटर थे, अपनी बेटी को लगातार परेशान कर रहे युवकों का विरोध कर रहे थे। इसी रंजिश में आरोपियों ने उन्हें बीच सड़क पर घेरकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों के मुताबिक, नरेश की बेटी को कुछ बदमाश लंबे समय से परेशान कर रहे थे, जिससे पहले भी विवाद हुआ था। कुछ दिन पहले उनके घर पर अज्ञात हमलावरों ने पथराव भी किया था, जिसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। 26 मार्च को नरेश को एक अज्ञात कॉल आया, जिसके बाद वे जाटतरोड़ी इलाके में पहुंचे, जहां घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया और फरार हो गए।
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच यूनिट-4 की मदद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें निलेश उर्फ नाना मेश्राम और ईश्वर उर्फ जैकी सोमकुवर शामिल हैं। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। इस दर्दनाक घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।