नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर हिंसा मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। पुलिस जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी फहीम खान की फेसबुक आईडी से बांग्लादेश और पाकिस्तान से जुड़े कई अकाउंट्स को फॉलो किया गया था। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि इस हिंसा के पीछे बाहरी संगठनों का भी हाथ हो सकता है। हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर कई नए फेसबुक पेज बनाए गए, जिनसे लगातार भड़काऊ पोस्ट किए जा रहे हैं। पुलिस को ऐसे कई फर्जी अकाउंट्स मिले हैं, जो हिंसा को भड़काने का काम कर रहे थे। एक "नवाज खान पठान" नाम के पेज की भी जांच की जा रही है, जिस पर हिंदुस्तानियों के खिलाफ आपत्तिजनक और धमकी भरी पोस्ट डाली गई हैं।
इस पेज पर एक पोस्ट में लिखा गया है, "Pajeets रोओ मत, ये हमारा समय है। अभी तो सिर्फ अटैक किया है, अगली बार तुम्हारे घर से औरतों को उठाएंगे। रेडी रखना अपनी औरतों को।" इस बयान ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह समाज में तनाव और सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा दे सकता है। "Pajeet" शब्द पाकिस्तान और बांग्लादेश के कुछ लोग भारतीयों को अपमानित करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। यह एक गाली भरा शब्द है, जिसका मकसद हिंदुस्तानियों का अपमान करना है। इस तरह की पोस्ट से हालात और बिगड़ सकते हैं, इसलिए पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया है।
महाराष्ट्र पुलिस और साइबर सेल इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। अब तक 144 सोशल मीडिया लिंक की पहचान की गई है, जिनमें नागपुर हिंसा से जुड़ी पोस्ट और चर्चाएं हो रही थीं। इनमें से 37 भड़काऊ लिंक को डिलीट कर दिया गया है ताकि स्थिति और न बिगड़े। पुलिस उन फेसबुक और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच कर रही है, जिनसे अफवाहें और भड़काऊ पोस्ट फैलाई जा रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि ये अकाउंट भारत से संचालित हो रहे हैं या फिर किसी विदेशी नेटवर्क से जुड़े हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और गलत जानकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।