नागपुर न्यूज डेस्क: गर्मी की आहट के साथ ही गन्ने के रस और शिकंजी की दुकानें गुलजार होने लगी हैं, लेकिन इस बार नींबू की कीमतों ने लोगों की जेब पर भारी असर डाला है। बालाघाट में नींबू 240 रुपए किलो तक पहुंच गया है, जिससे आम आदमी से लेकर दुकानदार तक परेशान हैं। स्थानीय सब्जी विक्रेताओं के मुताबिक, होलसेल मार्केट में भी नींबू 200 रुपए किलो से कम नहीं मिल रहा, जबकि छोटे-छोटे नींबू भी 10-15 रुपए में बिक रहे हैं। कीमतों में इस उछाल की वजह फसल में कमी, होली के बाद ट्रांसपोर्ट में रुकावट और नागपुर से ऊंचे दामों पर आने वाला स्टॉक बताया जा रहा है।
इस बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर ठेले पर गन्ने का रस बेचने वालों और घरों में अचार बनाने वालों पर पड़ा है। एक ठेलेवाले ने चिंता जताते हुए कहा, "ग्राहक बिना नींबू के रस नहीं पीते, लेकिन अब हमें हर गिलास में 2 रुपए का नींबू डालना पड़ रहा है, जिससे मुनाफा कम हो गया है।” वहीं, घरों में भी नींबू का इस्तेमाल सोच-समझकर किया जा रहा है। जहां पहले अचार और शिकंजी में नींबू खुलकर डाला जाता था, अब हर नींबू को संभालकर काटा जा रहा है।
हालांकि, सब्जी विक्रेताओं को उम्मीद है कि अप्रैल-मई में नींबू की कीमतें कुछ सामान्य हो सकती हैं। तब तक लोगों को गर्मियों के इस खास साथी के बिना ही काम चलाना होगा या फिर इसे बेहद संभलकर खर्च करना होगा।