नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए पशुपालन विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने सोमवार देर रात सेमिनरी हिल्स स्थित सरकारी सेंट्रल हैचरी में करीब 1,000 मुर्गियों को मारकर नष्ट कर दिया, जबकि लगभग 14,000 अंडों को वैज्ञानिक तरीके से निपटाया गया। यह कार्रवाई एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) वायरस की पुष्टि के बाद एहतियात के तौर पर की गई।
अधिकारियों के अनुसार, हैचरी में पहले भी 2024 में बर्ड फ्लू का प्रकोप देखा गया था। इस बार संक्रमण के फैलने की आशंका सर्दियों में फुताला झील पर आने वाले प्रवासी पक्षियों से जताई जा रही है। भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान और पुणे की रोग जांच इकाई ने सैंपल की जांच में वायरस की पुष्टि की है।
जिलाधिकारी विपिन इटंकर ने हैचरी के 1 किलोमीटर दायरे को संक्रमित क्षेत्र और आसपास के 9 किलोमीटर क्षेत्र को निगरानी जोन घोषित कर दिया है। प्रभावित क्षेत्र में 21 दिनों तक पोल्ट्री, अंडे और चारे की खरीद-बिक्री, परिवहन, मेले और प्रदर्शनी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही पक्षियों के आवागमन पर भी रोक लगा दी गई है और निगरानी क्षेत्र में पोल्ट्री दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पशुपालन विभाग के संयुक्त आयुक्त सतीश राजू ने बताया कि करीब 1,250 किलो चारा भी नष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि 10-11 मार्च के आसपास संक्रमण की आशंका हुई थी, जिसके बाद सैंपल जांच के लिए भेजे गए। पुष्टि होते ही पूरे स्टॉक को नष्ट करना जरूरी हो गया। फिलहाल, हैचरी में कम से कम 21 दिन तक कोई गतिविधि नहीं होगी और पूरी तरह बहाली में 5-6 महीने लग सकते हैं।