नागपुर न्यूज डेस्क: 1 अप्रैल से कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे, जिससे नागरिकों के रोजमर्रा के जीवन पर असर पड़ेगा। छिंदवाड़ा-नागपुर रेलमार्ग पर ब्रिज 94 के पुनर्निर्माण के बाद अब रीवा-इतवारी एक्सप्रेस और शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस के साथ लोकल ट्रेनें भी इस मार्ग से गुजरेंगी, जिससे यात्रियों का सफर आसान होगा। इस नए बदलाव से खासतौर पर नवरात्रि के दौरान माता रानी के दर्शन के लिए मैहर जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। पहले यह ट्रेनें आमला होते हुए नागपुर जाती थीं, लेकिन अब यह सीधा मार्ग बहाल होने से यात्रा समय की बचत होगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों में भी 1 अप्रैल से नया बदलाव आएगा। जिले के 2532 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को पोषण आहार के साथ प्री-प्राइमरी की शिक्षा दी जाएगी। बच्चों को बैग, स्लेट और प्राइमरी ऑल-इन-वन बुक के माध्यम से पढ़ाई करवाई जाएगी। नवचेतना और आधारशिला पाठ्यक्रम को लागू करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसी के साथ स्कूलों में प्रवेशोत्सव भी मनाया जाएगा, जहां बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया जाएगा और उन्हें मुफ्त किताबें वितरित की जाएंगी।
पंजीयन प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 अप्रैल से संपदा 1.0 प्रणाली पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और अब केवल संपदा 2.0 के माध्यम से ही ई-पंजीकरण और ई-स्टांपिंग की जाएगी। इसके अलावा, संपत्ति की गाइडलाइन दरों में 7.21% तक वृद्धि की जाएगी, जिससे जमीन, मकान और प्लॉट खरीदने वालों को अधिक कीमत चुकानी होगी। इन सभी परिवर्तनों से लोगों के जीवन में नए नियमों और प्रक्रियाओं का असर दिखेगा।