नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर रेलवे स्टेशन पर बड़े पुनर्विकास कार्य के चलते प्लेटफॉर्म नंबर 2 को 8 अप्रैल से 29 मई तक बंद कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को अगले 52 दिनों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान मुंबई और गुजरात की ओर जाने वाली ट्रेनों में 1 से 2 घंटे तक की देरी हो सकती है। प्लेटफॉर्म बंद होने के कारण स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव बढ़ गया है, जिससे संचालन प्रभावित हो रहा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, करीब 40 से 45 ट्रेनों के रूट में बदलाव, आंशिक समापन (शॉर्ट टर्मिनेशन) और समय में फेरबदल किया गया है। शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनस, शालीमार-ओखा और शालीमार-पोरबंदर जैसी प्रमुख ट्रेनों में देरी देखी जा रही है। हालांकि, किसी भी ट्रेन को रद्द नहीं किया गया है, लेकिन यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है।
कुछ ट्रेनों को नागपुर की बजाय अजनी स्टेशन से संचालित किया जा रहा है, ताकि भीड़ कम की जा सके। वहीं, हैदराबाद-गोरखपुर, केएसआर बेंगलुरु-लाल कुआं और केएसआर बेंगलुरु-दानापुर जैसी ट्रेनों को वर्धा, बदनेरा और इटारसी के रास्ते डायवर्ट किया गया है। रेलवे का कहना है कि सीमित प्लेटफॉर्म होने के कारण थोड़ी असुविधा बढ़ सकती है, लेकिन अन्य प्लेटफॉर्म और आसपास के स्टेशनों का उपयोग कर स्थिति संभाली जा रही है।
रेलवे प्रशासन के मुताबिक, यह पूरा काम स्टेशन के आधुनिकीकरण का हिस्सा है, जिसमें नया कॉन्कोर्स, अंडरग्राउंड पार्किंग और बेहतर यात्री सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। लगभग 70% काम पूरा हो चुका है और परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक अनुभव मिलेगा।