नागपुर न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र के नागपुर में हुई सांप्रदायिक हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जलाई गई चादर पर कुरान की आयत नहीं थी, इसे लेकर अफवाह फैलाई गई थी। मुख्यमंत्री ने हिंसा को सुनियोजित बताते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस पर हमला करने वालों को खोजकर कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे कहीं भी छिपे हों।
नागपुर में औरंगजेब का पुतला जलाने के बाद 17 मार्च को भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड फहीम शमीम खान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, फहीम ने 500 से ज्यादा लोगों को इकट्ठा कर हिंसा भड़काई थी। इस दौरान दंगाइयों ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी भी की। भालदरपुरा चौक के पास रात के अंधेरे का फायदा उठाकर महिला अधिकारी के कपड़े उतारने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने फहीम को 21 मार्च तक हिरासत में भेज दिया है।
हिंसा के बाद नागपुर के 10 पुलिस जिला क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू किया गया है। अब तक 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से 19 आरोपियों को 21 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। इसी बीच छत्रपति संभाजीनगर के खुल्ताबाद में औरंगजेब की कब्र को ड्रोन प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्टों पर नजर रखते हुए अब तक 500 से अधिक पोस्ट हटाई हैं।
शिवसेना (यूबीटी) ने इस मामले पर भाजपा पर निशाना साधा है। शिवसेना ने कहा कि भाजपा मुगल शासक औरंगजेब को छत्रपति शिवाजी महाराज से ज्यादा महत्व दे रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि औरंगजेब की कब्र को संरक्षित स्मारक का दर्जा खत्म किया जाए। इस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि औरंगजेब का आज के दौर में कोई महत्व नहीं है और हिंसा किसी भी रूप में समाज के लिए नुकसानदायक है।