नागपुर न्यूज डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर के रेशिमबाग स्थित स्मृति मंदिर में आरएसएस संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत कई अन्य नेता भी मौजूद थे। पीएम मोदी की इस यात्रा को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, और इसे लेकर विपक्ष ने प्रतिक्रिया भी देनी शुरू कर दी है।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने इस दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि पीएम मोदी आरएसएस मुख्यालय अपनी सेवानिवृत्ति की योजना पर चर्चा करने गए थे। उनका दावा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ही प्रधानमंत्री मोदी के उत्तराधिकारी को तय करेगा और वह उत्तराधिकारी महाराष्ट्र से होगा। संजय राउत ने यह भी कहा कि आरएसएस के फैसले का असर भाजपा की आगामी रणनीति पर पड़ेगा।
संजय राउत ने अपनी जेल यात्रा पर लिखी किताब का भी जिक्र किया और बताया कि अगले 15 दिनों में यह प्रकाशित होगी। उन्होंने कहा कि यह किताब उनके जेल में बिताए अनुभवों और उस दौरान बाहर की घटनाओं पर आधारित होगी। वहीं, आरएसएस सदस्य शेषाद्रि चारी ने पीएम मोदी के इस दौरे को ऐतिहासिक बताया और साफ किया कि भाजपा और संघ के बीच किसी भी तरह का मतभेद नहीं है। उनका कहना है कि जो लोग संघ और भाजपा के रिश्तों को नहीं समझते, वही इस तरह की बातें फैलाते हैं।