VIDEO: विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज से गिफ्ट में क्या मिला? IPL चैंपियन बनते ही वृंदावन में किए दर्शन
मैदान के अंदर चौके-छक्कों की बरसात और गजब की आक्रामकता, तो मैदान के बाहर पूरी तरह से भक्ति और अध्यात्म में लीन— भारतीय स्टार बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) का यही अनोखा रूप पिछले कुछ सालों में दुनिया के सामने आया है. चाहे जीवन में अपार सफलता मिले, करियर में विफलता का दौर आए या फिर परिस्थितियां सामान्य हों, विराट ने हमेशा ईश्वर की शरण में जाकर खुद को जमीन से जोड़े रखा है. वे समय-समय पर देश के विभिन्न ऐतिहासिक मंदिरों और आध्यात्मिक गुरुओं के दर्शन कर आशीर्वाद लेते रहे हैं. ऐसे में जब उनकी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) लगातार दूसरी बार आईपीएल की चैंपियन बनी, तो किंग कोहली एक बार फिर अध्यात्म के सबसे बड़े केंद्र वृंदावन की ओर खिंचे चले आए.
आरसीबी को बनाया लगातार दूसरी बार चैंपियन, फाइनल में जड़ा विनिंग छक्का
रविवार 31 मई 2026 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में रजत पाटीदार की कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गुजरात टाइटंस (GT) को 5 विकेट से शिकस्त दी. आईपीएल के इतिहास में शुरुआती 17 सीजन तक एक भी ट्रॉफी न जीत पाने वाली बेंगलुरु की टीम की यह लगातार दूसरी खिताबी जीत (Back-to-Back Title) थी.
आरसीबी को चैंपियन बनाने में विराट कोहली ने सबसे बड़ी और निर्णायक भूमिका निभाई. उन्होंने फाइनल मैच में लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव की परिस्थितियों में 75 रनों की नाबाद और ऐतिहासिक पारी खेली. इतना ही नहीं, विराट ने अपने चिर-परिचित अंदाज में गगनचुंबी छक्का जड़कर टीम को खिताबी जीत दिलाई. इसके साथ ही वे इस पूरे सीजन में बेंगलुरु के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज (Orange Cap Contender) भी रहे.
जश्न के बाद वृंदावन का रुख, अनुष्का के साथ नंगे पैर पहुंचे आश्रम
खिताब जीतने के बाद जहां पूरी टीम और प्रशंसक जश्न में डूबे थे, वहीं विराट कोहली ने अपनी सफलता का आभार जताने के लिए ईश्वर की राह चुनी. 1 जून को जीत का जश्न मनाने के बाद, अगले ही दिन यानी 2 जून 2026 को विराट कोहली अपनी पत्नी और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) के साथ सीधे उत्तर प्रदेश के वृंदावन पहुंच गए.
विराट कोहली का वृंदावन और वहां के प्रसिद्ध संत श्रद्धेय प्रेमानंद जी महाराज (Premanand Ji Maharaj) के प्रति अटूट विश्वास किसी से छिपा नहीं है. वे आईपीएल सीजन के बीच में भी आशीर्वाद लेने यहां आए थे. इस बार जब उनकी गाड़ी आश्रम के पास रुकी, तो विराट और अनुष्का अपनी सुख-सुविधाओं को भूलकर गाड़ी से उतरे और नंगे पैर ही चलकर प्रेमानंद महाराज के आश्रम तक पहुंचे.
प्रेमानंद महाराज से मिला खास तोहफा: श्रीमद्भगवद्गीता
आश्रम पहुंचने के बाद विराट और अनुष्का ने प्रेमानंद महाराज के चरणों में शीश नवाया और उनसे आशीर्वाद लिया. दोनों ने महाराज जी के सम्मुख बैठकर कुछ समय तक आध्यात्मिक चर्चा की और उनके विचारों को सुना. मुलाकात के अंत में प्रेमानंद महाराज की ओर से विराट कोहली को एक बेहद पवित्र और अमूल्य उपहार दिया गया— 'श्रीमद्भगवद्गीता'. विराट इस पावन ग्रंथ को बड़े आदर और सम्मान के साथ अपने हाथों में थामकर वापस लौटे. सफलता के चरम पर होकर भी विराट कोहली का यह आध्यात्मिक झुकाव और सादगी भरा अंदाज आज दुनिया भर के करोड़ों युवाओं और उनके फैंस को जीवन में विनम्र बने रहने की एक बड़ी सीख देता है.