नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। लखनऊ के एनआईए और एटीएस अधिकारी बनकर ठगों ने 83 साल के बुजुर्ग को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाया और उनके दंपती से 87 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए। मामले में नागपुर शहर के साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, धरमपेठ में रहने वाले 83 वर्षीय बुजुर्ग रेलवे से रिटायर्ड गार्ड हैं। 1 सितंबर को उन्हें साइबर ठगों ने वीडियो कॉल किया। कॉल करने वालों ने अपना नाम प्रेमकुमार गौतम और राहुल कुमार बताया और खुद को लखनऊ का एनआईए और एटीएस अधिकारी बताया। इसके बाद उन्होंने बुजुर्ग को एक गंभीर मामले में फंसाने की धमकी दी।
ठगों ने बुजुर्ग से कहा कि उनके नाम से जुड़े आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम कार्ड के जरिए 2 करोड़ 50 लाख रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग लेनदेन हुए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस रकम से 25 लाख रुपये का कमीशन मिला है। दिल्ली बम धमाके से नाम जोड़कर बुजुर्ग को कार्रवाई का डर दिखाया गया और इसी बहाने उन्हें लगातार दबाव में रखा गया।
इसके बाद आरोपियों ने बुजुर्ग दंपती को ‘डिजिटल अरेस्ट’ किए जाने का झांसा देकर उनसे कुल 87 लाख 50 हजार रुपये उकला लिए। मामले की जानकारी सामने आने के बाद नागपुर साइबर पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस अब ठगों की पहचान और पैसे के लेनदेन से जुड़े रास्ते की जांच कर रही है।