नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर के उप्पलवाड़ी में रेलवे ट्रैक से करीब 80 फीट ऊपर 257 मीटर लंबे मेट्रो ब्रिज का निर्माण शुरू हो गया है। महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (महामेट्रो) इस पुल को व्यस्त रेलवे लाइनों के ऊपर बिना नीचे कोई मचान या सपोर्ट लगाए तैयार कर रहा है। इसके लिए 40 टन की मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मेट्रो फेज-2 के विस्तार में यह सबसे चुनौतीपूर्ण निर्माण कार्यों में से एक है।
यह पुल फेज-2 के रीच-2ए कॉरिडोर का हिस्सा है। करीब 6.92 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर फेज-2 का सबसे लंबा रूट है। यह मौजूदा फेज-1 के आखिरी स्टेशन से शुरू होकर कामठी रोड पर आशा अस्पताल के पास लेखा नगर तक जाएगा। इस दौरान मेट्रो को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की तीन लाइनों- गोधनी-कलमना, छिंदवाड़ा-नागपुर और खापरखेड़ा को पार करना होगा।
बिना मचान के तैयार हो रहा पुल
महामेट्रो के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, आमतौर पर पुल बनाने के लिए जमीन से बड़े पैमाने पर अस्थायी सपोर्ट और मचान लगाए जाते हैं। लेकिन इस पुल के निर्माण में बैलेंस्ड कैंटिलीवर तकनीक अपनाई जा रही है। इसमें पिलर के दोनों तरफ से पुल के हिस्सों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जाता है। कंक्रीट के हिस्से एक के बाद एक तैयार किए जाते हैं और पोस्ट-टेंशनिंग तकनीक से उन्हें आपस में जोड़ा जाता है। इससे निर्माण के दौरान पुल का संतुलन बना रहता है।
इस पुल का मुख्य हिस्सा रेलवे ट्रैक के ऊपर 110 मीटर लंबा होगा। इसके दोनों तरफ 74 मीटर और 73 मीटर के स्पैन बनाए जा रहे हैं। मेट्रो के ट्रैक जमीन से करीब 24 मीटर की ऊंचाई पर होंगे। अधिकारियों के अनुसार, पुल के निचले हिस्से यानी सब-स्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है और कामठी की तरफ ऊपरी ढांचे का निर्माण शुरू कर दिया गया है।
काम दिन-रात जारी
नागपुर की तरफ एक पिलर के ऊपर 10.5 मीटर का कंक्रीट प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है, जिसे हैमरहेड कहा जाता है। इस पर फॉर्म ट्रैवलर मशीन लगाई जाएगी, जिसकी मदद से रेलवे ट्रैक की दिशा में पुल का निर्माण आगे बढ़ेगा। नीचे मचान नहीं होने से रेलवे लाइन और उप्पलवाड़ी की सड़कों पर आवाजाही में कम रुकावट आएगी।
पुल का निर्माण तेजी से पूरा करने के लिए दिन और रात, दोनों शिफ्ट में काम किया जा रहा है। इसके तैयार होने से मेट्रो के सामने रेलवे लाइनों को पार करने की बड़ी चुनौती दूर हो जाएगी। इसके बाद मेट्रो का विस्तार कामठी की ओर किया जा सकेगा।