नागपुर में गुड टच-बैड टच के पाठ से 7 साल की बच्ची ने पहचाना गलत व्यवहार, आरोपी गिरफ्तार

Photo Source : Google

Posted On:Friday, October 16, 2026

नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में स्कूल में पढ़ाए गए ‘गुड टच और बैड टच’ के पाठ की मदद से 7 साल की एक बच्ची अपने साथ हो रहे गलत व्यवहार को पहचान पाई। घर में किराएदार के तौर पर रहने वाले 47 साल के एक व्यक्ति पर बच्ची के साथ गलत हरकत करने का आरोप है। बच्ची ने इस बारे में अपनी शिक्षिका को बताया, जिसके बाद शिक्षिका ने उसकी मां को जानकारी दी। मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। यह मामला पांचपावली पुलिस थाना क्षेत्र का है।

चॉकलेट का लालच देकर बच्ची को कमरे में ले जाता था आरोपी

पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, आरोपी का नाम राजेश कनोजिया है। वह बच्ची की मां के घर में किराएदार के तौर पर रहता था। आरोप है कि वह बच्ची को चॉकलेट देने का लालच देकर अपने कमरे में ले जाता था और उसके साथ गलत हरकत करता था। शिकायत में बताया गया है कि यह सब 30 जून से 13 अक्टूबर 2026 के बीच हुआ। आरोप है कि आरोपी ने बच्ची को इस बारे में किसी को भी बताने पर धमकी दी थी।

स्कूल में जब शिक्षिका बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बारे में समझा रही थीं, तब बच्ची को एहसास हुआ कि उसके साथ जो हो रहा है, वह गलत है। उसने तुरंत शिक्षिका को बताया कि घर में रहने वाले अंकल उसे गलत तरीके से छूते हैं। शिक्षिका ने बिना देर किए बच्ची की मां को इसकी जानकारी दी। मां ने बच्ची को भरोसे में लेकर पूरी बात समझी और पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज कराई।

पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज, आरोपी गिरफ्तार

बच्ची की मां की शिकायत के बाद पांचपावली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और बच्चों को यौन अपराधों से बचाने वाले पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने 47 वर्षीय राजेश कनोजिया को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे जांच की जा रही है। हालांकि, आरोपी पर लगे आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।

बच्चों को गुड टच और बैड टच समझाना क्यों जरूरी है?

इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि बच्चों को छोटी उम्र से ही अपनी सुरक्षा के बारे में समझाना कितना जरूरी है। उन्हें बताना चाहिए कि कौन-सा स्पर्श सुरक्षित है और किस तरह का व्यवहार उन्हें असहज या डरा सकता है। अगर किसी की हरकत से उन्हें परेशानी हो, तो उन्हें बिना डरे माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद बड़े को बताना चाहिए।

माता-पिता और शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को ऐसा माहौल दें, जहां वे अपनी बात खुलकर कह सकें। बच्चों को यह भी सिखाना जरूरी है कि वे अपनी मर्जी के खिलाफ होने वाले स्पर्श के लिए मना कर सकते हैं, ऐसी जगह से दूर जा सकते हैं और किसी भरोसेमंद व्यक्ति से मदद मांग सकते हैं। नागपुर के इस मामले में स्कूल में पढ़ाए गए एक पाठ ने बच्ची को अपने साथ हो रहे गलत व्यवहार को पहचानने और उसके खिलाफ आवाज उठाने में मदद की। फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।


नागपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. nagpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.