नागपुर न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार तूल पकड़ रहा है। इसी विवाद के चलते नागपुर में हिंसा भड़क गई, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए। हिंसा के मामले की गंभीरता को देखते हुए एटीएस ने जांच शुरू कर दी है। इस विवाद पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्य प्रवक्ता सुनील आंबेकर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने नागपुर की हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी तरह की हिंसा समाज के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले का संज्ञान ले चुकी है और जल्द ही जरूरी कार्रवाई करेगी। आंबेकर ने औरंगजेब की प्रासंगिकता को नकारते हुए कहा कि 17वीं सदी का मुगल शासक आज के दौर में अप्रासंगिक है।
हिंसा के बाद शहर के कई हिस्सों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 के तहत कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंसा तब भड़की जब महल गेट के शिवाजी पुतला स्क्वायर पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समुदाय की धार्मिक पुस्तक और औरंगजेब का पुतला जलाए जाने की खबरें सामने आईं। इसके बाद दूसरे समुदाय के लोगों ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे शहर में बड़े पैमाने पर पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं। हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि कई वाहन और घरों को नुकसान पहुंचा।
गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में दंगाइयों के खिलाफ भारतीय नागरिक संहिता (BNS) की 57 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने 650 से अधिक दंगाइयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसके अलावा अल्पसंख्यक लोकतांत्रिक पार्टी के 51 कार्यकर्ताओं को भी अपराध में नामजद किया गया है। पुलिस ने पत्थरों से भरी ट्रॉली और कुछ हथियार भी बरामद किए हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अगर राज्य में औरंगजेब का महिमामंडन करने की कोशिश की गई तो कड़ी कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि यह हमला पूर्व नियोजित था, जिसमें चुनिंदा घरों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। उन्होंने बताया कि हिंसा की वजह से धार्मिक स्थलों को भी नुकसान हुआ है। फडणवीस ने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज और औरंगजेब के संघर्ष को लेकर बनी फिल्म 'छावा' से लोगों की भावनाएं भड़की हो सकती हैं, हालांकि उन्होंने फिल्म को दोषी मानने से इनकार किया। मुख्यमंत्री ने सभी से शांति बनाए रखने और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।