नागपुर न्यूज डेस्क: शहर में प्रतिबंधित नायलॉन मांजा पर भले ही रोक लगी हो, लेकिन फिर भी इसकी बड़ी खेप यहां तक पहुंच रही है। इसी खतरे को देखते हुए क्राइम ब्रांच यूनिट-3 ने नंदनवन थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की और एक आरोपी को पकड़ लिया। उसके पास से भारी मात्रा में नायलॉन मांजा बरामद हुआ, जो नियमों के खिलाफ बेचने के लिए रखा गया था। शहर में मांजे से होने वाले हादसों को रोकने के लिए ये कदम अहम माना जा रहा है।
जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले का नेटवर्क कानपुर से जुड़ा हुआ है। आरोपी के पास से 565 चकरियां और करीब 8.65 लाख रुपए का प्रतिबंधित माल जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार इस सप्लाई चेन में कानपुर का एक और आरोपी शामिल है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है। इससे साफ दिख रहा है कि कानपुर से भी नायलॉन मांजा की खेप लगातार नागपुर भेजी जा रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने नंदनवन निवासी हुसैन खान सरफराज खान (33) के घर पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान वहां से “मोनो काइट” लेबल वाले प्रतिबंधित नायलॉन मांजे की 565 चकरियां मिलीं, जिनकी कीमत लगभग 8 लाख 47 हजार 500 रुपए बताई गई। इसके साथ एक मोबाइल समेत कुल 8 लाख 65 हजार 500 रुपए का माल जब्त किया गया। पुलिस ने बताया कि हुसैन का साथी मिराज भाई, निवासी कानपुर, अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
पूरी कार्रवाई के बाद आरोपी हुसैन को नायलॉन मांजे सहित नंदनवन पुलिस के हवाले कर दिया गया। यह ऑपरेशन पुलिस निरीक्षक महेश सागडे के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें उपनिरीक्षक मधुकर काठोके, एएसआई संतोष ठाकुर, हवलदार विजय श्रीवास और सिपाही दीपक व जीतेश शामिल थे। इस पूरे मामले ने फिर से साफ कर दिया कि शहर में प्रतिबंध के बावजूद नायलॉन मांजे का गैरकानूनी कारोबार रुक नहीं रहा है और पुलिस अब इसे रोकने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है।