नागपुर न्यूज डेस्क: कई दिनों तक बादलों की ढक्कन-जैसी परत बने रहने के बाद शुक्रवार को जैसे ही आसमान साफ हुआ, नागपुर और पूरे विदर्भ में ठंड ने अचानक जोर पकड़ लिया। राजस्थान की ओर एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम के खिसकने से उत्तर की ठंडी हवाएँ सीधे क्षेत्र में दाखिल हो गईं, जिसके चलते तापमान तेजी से नीचे चला गया।
नागपुर में न्यूनतम तापमान गिरकर 13.6°C पर पहुँच गया, यानी 24 घंटे में ही 4 डिग्री से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। हवा की दिशा में बदलाव और स्पीड बढ़ने से यह ठिठुरन और भी ज्यादा महसूस हुई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन हवाओं ने एक तरह से ठंड की नई लहर शुरू कर दी है।
विदर्भ में सबसे ज्यादा ठंड भंडारा में दर्ज की गई, जहाँ पारा 10°C तक जा पहुँचा। इसके बाद गोंदिया 11°C के साथ दूसरे नंबर पर रहा। पूरे विदर्भ के जिलों में रात का तापमान एक साथ नीचे आया है, हालांकि दिन का तापमान अभी भी लगभग सामान्य रेंज में बना हुआ है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि यह ठिठुरन कम से कम दो से तीन दिनों तक और चल सकती है। इसके बाद न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे ठंड की तीव्रता थोड़ी कम हो सकती है। हालांकि उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहेगा और दिसंबर में सर्दी और ज्यादा कस सकती है।