नागपुर न्यूज डेस्क: ऑनलाइन गेम के जरिए अनजान लोगों से बढ़ती दोस्ती बच्चों के लिए कितनी खतरनाक हो सकती है, इसका एक चौंकाने वाला मामला नागपुर में सामने आया है। ‘फ्री फायर’ गेम के जरिए 17 साल की नाबालिग लड़की की आरोपी सुरजकुमार राजपूत से दोस्ती हुई। आरोप है कि उसने लड़की को प्रेम के जाल में फंसाया और बहला-फुसलाकर उत्तर प्रदेश ले गया। वहां लड़की के साथ यौन शोषण किए जाने की बात सामने आई। बेलतरोडी पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
31 अगस्त को लड़की की मां ने बेलतरोडी थाने में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि किसी अनजान व्यक्ति ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। लड़की और उसका परिवार मूल रूप से मध्य प्रदेश का रहने वाला है और काम के सिलसिले में नागपुर में रह रहा है। लड़की मध्य प्रदेश के सिवनी में पढ़ाई करती थी और अपने माता-पिता से मिलने नागपुर आई थी, लेकिन इसके बाद वह सिवनी वापस नहीं पहुंची।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की। तकनीकी जांच में पुलिस को पता चला कि लड़की के एक दोस्त की ओर से उसे पैसे भेजे गए थे। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और विशेष टीमों को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश भेजा गया। पुलिस से बचने के लिए आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था, लेकिन तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस सीतापुर जिले तक पहुंच गई। वहां से लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और सीतापुर निवासी आरोपी सुरजकुमार राजपूत को भी हिरासत में लेकर नागपुर लाया गया।
लड़की की मेडिकल जांच में उसके साथ यौन शोषण की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के बाद बेलतरोडी थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र नाईकवाड ने माता-पिता से बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों के मोबाइल और लैपटॉप के इस्तेमाल पर ध्यान देना जरूरी है। बच्चे कौन से गेम खेल रहे हैं, क्या देख रहे हैं और ऑनलाइन किन लोगों के संपर्क में हैं, इसकी जानकारी माता-पिता को रखनी चाहिए और बच्चों से इस बारे में खुलकर बात करनी चाहिए।