नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर के जरीपटका इलाके में हुई इस दिल दहला देने वाली हत्या ने मानवीय संवेदनाओं और अपराध के पीछे छिपे आक्रोश को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। एक होटल मालिक की बोरे में बंद लाश मिलने के बाद जब पुलिस ने तहकीकात शुरू की, तो कर्ज और अपमान की एक खौफनाक कहानी सामने आई।
वारदात का मुख्य विवरण:
मृतक की पहचान: झिंगाबाई टाकली निवासी राहुल सुनील साहू, जो सदर क्षेत्र में ‘हैप्पी डे’ होटल का संचालन करते थे।
आरोपी: नवीन पंजाबराव पुंडकर, एक ई-रिक्शा चालक।
हत्या का कारण: राहुल ने नवीन को ब्याज पर पैसे उधार दिए थे। नवीन का दावा है कि वह कर्ज का बड़ा हिस्सा चुका चुका था, लेकिन राहुल फिर भी 35 हजार रुपये अतिरिक्त मांग रहा था।
विवाद और आपत्तिजनक टिप्पणी:
घटना के दिन राहुल बकाया पैसे लेने नवीन के घर पहुंचा था। नवीन के अनुसार, जब उसने और पैसे देने में असमर्थता जताई, तो राहुल ने उसकी बेटी को लेकर एक बेहद आपत्तिजनक और शर्मनाक मांग कर दी। राहुल के मुंह से यह बात सुनते ही नवीन अपना आपा खो बैठा और पास रखी लोहे की रॉड से राहुल पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सबूत मिटाने की कोशिश:
हत्या के बाद नवीन ने घबराहट में शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उसने लाश को एक बोरे में भरा और अपने ही ई-रिक्शा में लादकर देर रात नारा घाट पुल के नीचे फेंक दिया। अगले दिन स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने बोरा बरामद किया।
पुलिसिया कार्रवाई:
जरीपटका पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल्स के जरिए कड़ियां जोड़ीं, जो सीधे नवीन तक ले गईं। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में नवीन ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस वारदात में कोई और भी शामिल था।