नागपुर न्यूज डेस्क: मध्य प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल पचमढ़ी में घूमने गए नागपुर के एक शिक्षक की दूसरों की मदद करने की कोशिश उनकी जिंदगी का आखिरी कदम बन गई। सोमलवार स्कूल में पढ़ाने वाले 40 वर्षीय विजय नाईक की गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई। दरअसल, सनराइज पॉइंट पर एक बंदर ने महिला शिक्षिका का बैग छीन लिया था। विजय ने बैग वापस दिलाने के लिए कोशिश की और उसे हासिल भी कर लिया, लेकिन इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वह खाई में जा गिरे। शुक्रवार सुबह हुए इस हादसे ने नागपुर के शिक्षकों और विद्यार्थियों को झकझोर कर रख दिया है।
विजय नाईक नागपुर के रामदासपेठ स्थित सोमलवार स्कूल में शिक्षक थे और उनके पास एनसीसी की जिम्मेदारी भी थी। उन्हें साहसिक गतिविधियों में काफी दिलचस्पी थी। इसी वजह से स्कूल के एनसीसी शिक्षकों और कुछ विद्यार्थियों के लिए पचमढ़ी की यात्रा आयोजित की गई थी। इस ट्रिप में विजय के पिता हरिदास नाईक भी उनके साथ गए थे। गुरुवार रात सभी बस से नागपुर से रवाना हुए और शुक्रवार सुबह पचमढ़ी पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद विजय और उनके पिता ने फोन करके घरवालों को सुरक्षित पहुंचने की जानकारी भी दी थी।
शुक्रवार सुबह करीब सात से साढ़े सात बजे के बीच सभी लोग सनराइज पॉइंट पर घूम रहे थे। तभी एक बंदर ने महिला शिक्षिका का बैग छीन लिया। विजय ने बिना देर किए बैग वापस लाने की कोशिश शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद वह बैग वापस लेने में सफल रहे, लेकिन इसके तुरंत बाद उनका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह गहरी खाई में गिर गए। हादसे में उनकी जान चली गई। उनके सामने हुई इस घटना से सहली में शामिल शिक्षक और विद्यार्थी सदमे में हैं।
विजय मूल रूप से वर्धा जिले के कारंजा घाडगे तालुका के सुसुंद्रा गांव के रहने वाले थे। वह पत्नी अर्चना और दो बेटियों के साथ नागपुर के खानखोजे नगर में रहते थे। परिवार से उनकी आखिरी बातचीत शुक्रवार सुबह हुई थी, जब उन्होंने पचमढ़ी पहुंचने की खबर दी थी। कुछ ही घंटों बाद उनकी मौत की खबर ने परिवार को तोड़कर रख दिया। हमेशा हंसमुख रहने वाले और दूसरों की मदद के लिए आगे रहने वाले विजय के जाने से पूरे इलाके में शोक है। दिवाली से ठीक पहले परिवार ने अपना सहारा खो दिया और दो बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया।