नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 500 किलो गांजा जब्त किया है। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एनसीबी ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर मुंबई की तरफ से नागपुर पहुंचे ट्रक को पकड़ा। जांच में सामने आया कि गांजा ओडिशा के संबलपुर से नागपुर लाया जा रहा था और इसे लोहे के पाइप के बीच छिपाकर ट्रक में रखा गया था।
कार्रवाई के दौरान पश्चिम बंगाल के रहने वाले आरपी गोलदार और ए. सरकार ट्रक में मिले, जबकि नागपुर में गांजा लेने पहुंचे एसएएस युसूफ उर्फ राजाभाई को भी गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला है कि नागपुर पहुंचने के बाद गांजे को आगे जालना और इंदौर भेजने की तैयारी थी। आरोपियों ने अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल कर जांच एजेंसियों से बचने की कोशिश की थी। पुलिस के मुताबिक, राजाभाई पिछले 4-5 साल से ड्रग्स तस्करी से जुड़ा रहा है और उसके खिलाफ पहले भी एनडीपीएस के मामले दर्ज हैं।
एनसीबी अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की तलाश कर रही है। एजेंसी ने इससे पहले नागपुर, गोंदिया और भंडारा में भी कार्रवाई करते हुए 1,156 किलो से ज्यादा गांजा जब्त किया है। जांच एजेंसियों को शक है कि 500 किलो गांजे की इस खेप के पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है और अब तस्करी से जुड़े दूसरे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, मुंबई एयरपोर्ट पर भी कस्टम्स के एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने हाइड्रोपोनिक गांजे की बड़ी खेप पकड़ी है। 3 अक्टूबर की रात बैंकॉक से बाटिक एयर की ओडी 215 फ्लाइट से मुंबई पहुंचे 35 वर्षीय मोहम्मद सुहेल को जांच के लिए रोका गया था। व्यक्तिगत तलाशी में कुछ नहीं मिला, लेकिन चेक-इन बैगेज में रूट 66 कंपनी की ट्रॉली बैग से 12 प्लास्टिक पैकेट मिले। फील्ड टेस्ट में इनमें हाइड्रोपोनिक गांजा होने की पुष्टि हुई और कुल 11,774 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 4.12 करोड़ रुपये बताई गई है। आरोपी को 4 अक्टूबर सुबह 9:30 बजे एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ में उसने गांजे की तस्करी के बदले पैसे मिलने की बात बताई है और अब इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की तलाश जारी है।