नागपुर न्यूज डेस्क: हत्या जैसे गंभीर अपराध की गुत्थी सुलझाने में कभी-कभी एक छोटी-सी चीज भी अहम सुराग बन जाती है। नागपुर के किल्ले कोलार इलाके में छह महीने पहले हुई हत्या के मामले में भी ऐसा ही हुआ। घटनास्थल पर मिली एक चप्पल के सहारे पुलिस आखिरकार आरोपी तक पहुंच गई। इस मामले में खापरखेड़ा पुलिस ने बाबू उर्फ अन्वर अल्ताफ शेख (31) को शुक्रवार को गोंदिया के यादव चौक से गिरफ्तार किया है। उसका कथित साथी अब भी फरार है।
ताजबाग के विवाद के बाद हमले का शक
प्रशांत कुंभारे और फिरोज गुलमीर शेख दोस्त थे। दोनों नागपुर के ताजबाग इलाके में झेंडा चौक के पास भीख मांगकर गुजारा करते थे। पुलिस की जांच के मुताबिक, प्रशांत पहले बाबू और उसके दोस्त के कहने पर काम करता था। लेकिन बाबू की गाली-गलौज और मारपीट से परेशान होकर उसने फिरोज के साथ रहना शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच दुश्मनी बढ़ गई।
30 मार्च को ताजुद्दीन बाबा के उर्स के मौके पर प्रशांत और फिरोज कोराडी रोड स्थित ताज बाबा दरबार गए थे। इसके बाद दोनों किल्ले कोलार इलाके में सो रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान बाबू अपने साथी के साथ वहां पहुंचा और सो रहे दोनों लोगों के सिर पर पत्थर से हमला कर दिया। इसके बाद दोनों आरोपी मौके से भाग गए। हमले में प्रशांत की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल फिरोज इलाज के बाद बच गया।
चप्पल से मिला जांच का अहम सुराग
शुरुआत में घटनास्थल पर मिली चप्पल पुलिस के लिए अहम सुराग बनी, लेकिन उससे संदिग्ध तक पहुंचना आसान नहीं था। इस बीच दूसरे गंभीर मामलों की जांच के चलते पुलिस पर काम का दबाव बढ़ गया और अपराध जांच दल में भी बदलाव हुआ। इसके बाद पुलिस उपनिरीक्षक मारुति जांगिलवाड, शोएब खान, बादलगिरी, मंगेश लांजेवार और विशाल नखले को जांच की जिम्मेदारी दी गई।
शोएब खान ने मुखबिरों की मदद से पता लगाया कि मृतक और घायल ताजबाग इलाके में रहते थे। इसके बाद मंदिरों, मस्जिदों और दरगाहों में पूछताछ कर चप्पल के बारे में जानकारी जुटाई गई। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि चप्पल बाबू की हो सकती है। इस सुराग ने जांच को आगे बढ़ाने में मदद की।
मुखबिर की सूचना पर आरोपी गिरफ्तार
सितंबर में बाबू के ताजबाग इलाके में आने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश की, लेकिन वह हाथ नहीं आया। फिर 14 अक्टूबर को शोएब खान को सूचना मिली कि बाबू दोबारा इलाके में आया है। पुलिस टीम ने रात करीब 11 बजे उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद बाबू पहले गोंदिया गया, फिर पुणे और उसके बाद नागपुर पहुंचा था। मामले में उसके कथित साथी की तलाश जारी है। चप्पल से मिले सुराग और मुखबिरों की मदद से पुलिस छह महीने पुराने हत्या के मामले में आरोपी तक पहुंच सकी।