नागपुर न्यूज डेस्क: मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि गणेशोत्सव के दौरान डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का संक्रमण नियंत्रण में रहेगा। विभाग ने पहले ही उन इलाकों को चिन्हित कर लिया है जहां जलजमाव और लार्वा की समस्या अधिक है। शहर के 10 जोनों में अब तक 44,833 लार्वा वाले स्थान मिले हैं। इन जगहों पर तत्काल सफाई, फॉगिंग और नागरिकों की स्वास्थ्य जांच कराई गई है। बावजूद इसके, अगस्त माह में डेंगू और चिकनगुनिया के 21 संदिग्ध मामले सामने आए हैं।
धंतोली जोन सबसे ज्यादा प्रभावित पाया गया है। यहां 7,896 कंटेनरों में लार्वा मिला। इसके बाद मंगलवारी जोन दूसरे स्थान पर रहा, जहां 4,956 स्थानों पर मच्छरों के प्रजनन स्थल पाए गए। बारिश के मौसम में खाली डिब्बों, गमलों, कूलर, पानी की टंकी और पक्षियों के बर्तनों में जलजमाव से मच्छरों के फैलने की स्थिति बनी।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक शहर के कुल 13 लाख 73 हजार कंटेनरों की जांच की गई। इनमें से 44,833 में लार्वा पाए गए। लक्ष्मी नगर में 6,098, धरमपेठ में 2,836, हनुमान नगर में 3,837, नेहरू नगर में 3,809, गांधीबाग में 4,959, सतरंजीपुरा में 3,415, लकड़गंज में 3,375 और आशी नगर में 3,652 लार्वा वाले कंटेनर मिले।
अधिकारियों का कहना है कि लगातार निगरानी और उपाययोजनाओं से हालात काबू में हैं। गणेशोत्सव के दौरान साफ-सफाई पर और ध्यान दिया जा रहा है ताकि कोई बड़ा संक्रमण न फैले। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे घरों और आसपास जलजमाव न होने दें और समय-समय पर पानी की टंकियों व कूलरों को खाली करते रहें।