नागपुर न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव नतीजों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। आज मतगणना शुरू हो गई है और शुरुआती रुझानों में एकनाथ शिंदे की शिवसेना को अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अच्छी खबर मिली है। यहां शिवसेना के किरण सरनाईक आगे चल रहे हैं। इसके बाद नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के सुधाकर कोहळे के आगे होने की खबर सामने आई है। नागपुर की यह सीट मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल मानी जा रही है, क्योंकि वह खुद नागपुर से आते हैं। इस सीट पर कुल 38 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। हालांकि, मुख्य मुकाबला बीजेपी के सुधाकर कोहळे और कांग्रेस के अभिजीत वंजारी के बीच है।
पिछले चुनाव में नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। अभिजीत वंजारी ने बीजेपी के संदीप जोशी को हराया था। उस चुनाव में वंजारी को 61,701 वोट मिले थे, जबकि संदीप जोशी को 42,791 वोट मिले थे। इस तरह वंजारी ने 18,919 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। खास बात यह है कि 1978 के बाद साल 2020 में पहली बार कांग्रेस ने इस सीट पर जीत हासिल की थी। यानी 42 साल बाद कांग्रेस को यहां सफलता मिली थी। इस बार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में बगावत के बाद नितेश कराळे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं।
इस चुनाव में अभिजीत वंजारी महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार हैं, जबकि सुधाकर कोहळे महायुति की ओर से मैदान में हैं। हालांकि, यहां मतगणना की प्रक्रिया थोड़ी अलग है। इस चुनाव में उम्मीदवारों को अपनी पसंद के क्रम में वोट दिया जाता है। जीतने के लिए किसी उम्मीदवार को वैध वोटों का तय कोटा हासिल करना जरूरी होता है। अगर पहली गिनती में कोई भी उम्मीदवार यह कोटा पूरा नहीं कर पाता, तो अगली राउंड में वोटों की गिनती और मतदाताओं की दूसरी पसंद के आधार पर वोटों का हस्तांतरण किया जाता है। ऐसे में आगे की गिनती के दौरान चुनावी तस्वीर बदल सकती है।
स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव क्यों हैं अहम?
स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव इसलिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि इनके नतीजों से पढ़े-लिखे लोगों और शिक्षकों की सोच का अंदाजा मिलता है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि सरकार की नीतियों और कामकाज को लेकर इस वर्ग की क्या राय है। यही वजह है कि इन चुनावों को सरकार के प्रति लोगों के रुख और मौजूदा राजनीतिक माहौल को समझने के लिहाज से भी अहम माना जाता है।