नागपुर न्यूज डेस्क: बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) सहित अन्य सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धांधली, पेपर लीक और धोखाधड़ी के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए महाराष्ट्र में दो विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों (Special Fast-Track Courts) का गठन किया है।
हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे के आदेश पर नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में इन विशेष अदालतों की स्थापना की गई है।
इस महत्वपूर्ण निर्णय से जुड़े मुख्य विवरण नीचे दिए गए हैं:
नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर में विशेष अदालतें: नागपुर में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जज गुलशन कोलते की अदालत को विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाया गया है। वहीं छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एस. वी. पवार की अदालत इस प्रकार के मामलों की सुनवाई करेगी।
किन कानूनों के तहत होगी कार्रवाई: ये विशेष अदालतें लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 (Public Examinations Act, 2024), भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और महाराष्ट्र विश्वविद्यालय व बोर्ड परीक्षा अनुचित साधन निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई करेंगी।
3 महीने में पूरी होगी सुनवाई: नए लोक परीक्षा कानून 2024 का उद्देश्य पेपर लीक, डमी कैंडिडेट बिठाने (Impersonation) और संगठित धोखाधड़ी जैसे अपराधों पर लगाम लगाना है। इस कानून के तहत मामलों का मुकदमा (Trial) 3 महीने के भीतर पूरा करने का प्रावधान है।
केंद्र सरकार का निर्देश और छात्र विरोध: देश भर में NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ छात्रों और अभिभावकों के भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार (कानून एवं न्याय मंत्रालय) ने राज्यों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने के निर्देश दिए थे, ताकि दोषियों को सख्त और त्वरित सजा मिल सके।