नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में बुधवार रात हुई तेज बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में पेड़ गिरने और जलभराव की घटनाएं सामने आईं। रात 9 बजे से गुरुवार सुबह 9 बजे तक क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन मुख्य नियंत्रण कक्ष को कुल 18 आपातकालीन शिकायतें मिलीं, जिन पर नगर निगम के फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग ने पूरी रात राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
नगर निगम के अनुसार, प्राप्त 18 शिकायतों में से 14 पेड़ गिरने और चार जलभराव से संबंधित थीं। इस दौरान किसी आगजनी, शॉर्ट सर्किट या अन्य बड़ी दुर्घटना की सूचना नहीं मिली। सक्करदरा, सुगत नगर, गंजीपेठ, सिविल लाइंस, लकड़गंज, त्रिमूर्ति नगर, कॉटन मार्केट और नरेंद्र नगर फायर स्टेशनों की टीमों को विभिन्न स्थानों पर भेजा गया, जहां उन्होंने सड़कों से गिरे पेड़ हटाए और जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकाला।
बारिश के दौरान गांधीबाग, सिविल लाइंस, नवापुरा, सुभाष नगर, मेडिकल चौक, नेहरू नगर, अजनी, अंबाझरी रोड, नरेंद्र नगर, जिला न्यायालय परिसर और अन्य कई इलाकों से पेड़ गिरने की शिकायतें मिलीं। वहीं, घरमपेठ, जिंगाबाई टाकली और पवने लेआउट जैसे क्षेत्रों में जलभराव की समस्या सामने आई, जहां फायर ब्रिगेड ने पंपिंग कर पानी निकाला और लोगों को राहत पहुंचाई।
फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग के अनुसार, दर्ज 18 मामलों में से 17 का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया, जबकि बोरकुले लेआउट और संताजी धांडेकर लेआउट में पेड़ हटाने का काम सुबह तक जारी था। अधिकारियों ने लोगों से मानसून के दौरान सतर्क रहने, तेज हवाओं में पेड़ों के नीचे वाहन खड़े न करने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नियंत्रण कक्ष या फायर विभाग को सूचना देने की अपील की है।