नागपुर न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने की तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि यूसीसी पर बनाई गई समिति की रिपोर्ट मिलते ही सरकार इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर देगी। सरकार की नजर नागपुर में होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र पर है और इसी दौरान यूसीसी से जुड़ा विधेयक सदन में पेश करने का लक्ष्य रखा गया है।
यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने जुलाई में सात सदस्यीय समिति बनाई थी। सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जस्टिस रंजना देसाई को इसका अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरसी चव्हाण और एसजी मेहरे, पूर्व मुख्य सचिव डीके जैन, पूर्व महाधिवक्ता वीरेंद्र सराफ, संविधान विशेषज्ञ रमेश पतंगे और शिक्षाविद् सुवर्णा रावल शामिल हैं। समिति को अपनी सिफारिशें देने के लिए छह महीने का समय मिला है और फिलहाल वह रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है।
फडणवीस ने कहा कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद सरकार बिना देरी किए आगे की कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यूसीसी को लेकर देश के दूसरे राज्यों में भी प्रक्रिया आगे बढ़ी है। उत्तराखंड में फरवरी 2024 में, गुजरात में मार्च 2026 में और असम में मई 2026 में यूसीसी से जुड़े विधेयक पारित हो चुके हैं। महाराष्ट्र सरकार भी समिति की सिफारिशों के आधार पर इसी दिशा में कदम बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री का यह बयान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान के बाद आया है। अमित शाह ने कहा था कि बीजेपी-एनडीए की सरकारें 2029 से पहले 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करेंगी। अब महाराष्ट्र सरकार के सामने समिति की रिपोर्ट आने और उसके आधार पर विधेयक तैयार करने का अगला चरण है। अगर प्रक्रिया तय समय के मुताबिक आगे बढ़ती है तो नागपुर के शीतकालीन सत्र में यूसीसी को लेकर सरकार अपना बिल सामने रख सकती है।