नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर शहर कांग्रेस कमेटी ने पार्टी के रोजमर्रा के खर्च और संगठन के कामकाज के लिए क्राउड फंडिंग शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत शहर कांग्रेस के पदाधिकारियों से हर महीने तय रकम पार्टी फंड में देने को कहा जाएगा। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्टी की विचारधारा में भरोसा रखने वाले लोगों से अपनी इच्छा के मुताबिक हर महीने सहयोग देने की अपील की जाएगी। पार्टी का कहना है कि इससे संगठन चलाने के लिए कुछ बड़े नेताओं पर आर्थिक निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
क्राउड फंडिंग के लिए नागपुर स्थित देवडिया कांग्रेस भवन समेत कई जगहों पर QR कोड लगाए गए हैं। नागपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे पाटील से मिलने आने वाले लोगों से भी इसी QR कोड के जरिए पार्टी के लिए आर्थिक सहयोग लिया जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की ओर से नाशिक में हुए ‘संघटन सृजन’ अभियान के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी पदाधिकारियों और समर्थकों की मदद से संगठन का खर्च चलाने पर जोर दिया गया था।
प्रफुल्ल गुडधे पाटील के मुताबिक, कांग्रेस में क्राउड फंडिंग कोई नई बात नहीं है। उन्होंने 1920 में नागपुर में हुए कांग्रेस अधिवेशन का उदाहरण देते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने लोकमान्य तिलक की याद में ‘तिलक स्वराज फंड’ शुरू किया था। कांग्रेस के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक भी दिसंबर 1920 के नागपुर अधिवेशन में इस फंड की शुरुआत हुई थी और इसे असहयोग आंदोलन के लिए आर्थिक सहयोग जुटाने से जोड़ा गया था।
नागपुर कांग्रेस ने अब इसी पुराने मॉडल से प्रेरणा लेते हुए पार्टी के नियमित खर्च के लिए नया प्रयोग शुरू किया है। पार्टी की ओर से जुटाए जाने वाले फंड का हर महीने हिसाब कार्यकर्ताओं के सामने रखने की बात कही गई है। कांग्रेस इससे पहले भी 2023 में ‘डोनेट फॉर देश’ नाम से क्राउड फंडिंग अभियान चला चुकी है, जिसे पार्टी ने तिलक स्वराज फंड से प्रेरित बताया था।