नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर साइबर पुलिस ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने के आरोप में कई सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामला सरकार की इथेनॉल मिश्रित (E20) ईंधन नीति को लेकर सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और पोस्ट से जुड़ा है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (नागपुर) नवीनचंद्र रेड्डी ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में संबंधित लोगों के नाम, उनकी पोस्ट और कथित तौर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों का उल्लेख है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह शिकायत भाजपा नागपुर शहर सोशल मीडिया सेल के संयोजक शिशिर अरुण त्रिपाठी ने दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को यूट्यूबर मनीष कश्यप द्वारा अपलोड किए गए एक वीडियो में नितिन गडकरी और E20 ईंधन को लेकर कथित रूप से भ्रामक और मानहानिकारक दावे किए गए। इसके अलावा 'देसी बॉयज़', 'हर्षित राठी' और 'अंकलेश इनवाती' समेत कुछ अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी इसी तरह की सामग्री साझा करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 356, 352 और 296 के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत एफआईआर दर्ज की है।
इधर, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ऐसे वाहनों के लिए E20 पेट्रोल लागू करने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है, जिन्हें इस ईंधन के अनुरूप डिजाइन नहीं किया गया है।