नागपुर न्यूज डेस्क: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने नागपुर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नागपुर में भारत का प्रमुख एमआरओ (MRO - Maintenance, Repair, and Overhaul) हब बनने की अपार क्षमता है और यह शहर आने वाले समय में भारत का "एयरोट्रोपोलिस" (Aerotropolis) बन सकता है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि एमआरओ (विमानों की मरम्मत और रखरखाव) इस एयरपोर्ट के विकास का सबसे मुख्य स्तंभ साबित हो सकता है।
इस घोषणा से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
भौगोलिक और रणनीतिक बढ़त: नागरिक उड्डयन मंत्री के अनुसार, अपनी भौगोलिक स्थिति, अनुकूल मौसम, बेहतरीन कनेक्टिविटी और रणनीतिक फायदों के मामले में नागपुर देश का सबसे उपयुक्त स्थान है। हर दृष्टिकोण से नागपुर देश का सबसे बड़ा एमआरओ हब बनने की पूरी योग्यता रखता है।
विदेशी निर्भरता होगी खत्म: उन्होंने बताया कि देश के भीतर ही बड़ी एमआरओ क्षमता विकसित होने से भारतीय एयरलाइंस को अपने विमानों के रखरखाव और मरम्मत के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे देश के राजस्व की भी बचत होगी।
दिग्गज कंपनियां पहले से मौजूद: 'ch-aviation' के आंकड़ों के मुताबिक, नागपुर एयरपोर्ट पर पहले से ही अमेरिकी कंपनी एएआर (AAR) की सहायक कंपनी 'एएआर इंडामर टेक्निक्स' और 'एआईईएसएल' (AIESL) जैसी बड़ी संस्थाएं अपनी एमआरओ सेवाएं दे रही हैं।
इन एयरलाइंस को मिल रही है सेवा: वर्तमान में नागपुर का यह सेटअप एयर इंडिया एक्सप्रेस, ब्लू डार्ट एविएशन, इंडिगो, एयर इंडिया, गो फर्स्ट और कुवैत एयरवेज जैसी नामी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को अपनी सेवाएं दे रहा है।