नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर पुलिस ने सड़क हादसों को रोकने और 'जीरो फेटालिटी' (शून्य मृत्यु दर) के लक्ष्य को हासिल करने के लिए "ऑपरेशन यू-टर्न" के तहत एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि अब पुलिस न केवल शराब, बल्कि नशीले पदार्थों (ड्रग्स) का सेवन करने वाले ड्राइवरों को पकड़ने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है।
अभियान की मुख्य विशेषताएं:
अत्याधुनिक तकनीक: नागपुर में पहली बार लार-आधारित (saliva-based) ड्रग टेस्टिंग किट का उपयोग सड़क पर ही जांच के लिए किया जा रहा है। यह तकनीक मौके पर ही यह बता देती है कि किसी व्यक्ति ने नशीले पदार्थों का सेवन किया है या नहीं।
होटल प्राइड चौक पर बड़ी कार्रवाई: शनिवार रात एनडीपीएस (NDPS) स्क्वाड नंबर 2 ने होटल प्राइड चौक के पास विशेष नाकाबंदी की। इस दौरान वाहनों की सघन चेकिंग की गई।
गांजा पीकर गाड़ी चलाने वाला धराया: चेकिंग के दौरान एक चालक का व्यवहार संदिग्ध लगने पर उसकी जांच पोर्टेबल मशीन से की गई। जांच में उसके लार का नमूना THC (tetrahydrocannabinol) के लिए पॉजिटिव पाया गया, जिससे पुष्टि हुई कि उसने गाड़ी चलाने से पहले गांजे का सेवन किया था।
कानूनी कार्रवाई: आरोपी चालक को हिरासत में लेकर सोनेगांव पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है, जहां सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का संदेश:
यातायात विभाग के पुलिस उपायुक्त (DCP) लोहित मतानी ने बताया कि नागपुर की सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए यह अभियान और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि आधुनिक तकनीक की मदद से अब नशा करने वाले चालक बच नहीं पाएंगे। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे शराब या ड्रग्स के प्रभाव में वाहन न चलाएं, क्योंकि ऐसा करना न केवल उनके लिए बल्कि दूसरों के लिए भी जानलेवा हो सकता है।