नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों को सितंबर 2023 की विनाशकारी फ्लैश फ्लड की याद दिला दी। सिर्फ तीन घंटे में 104.5 मिमी और 24 घंटे में 180 मिमी बारिश दर्ज होने से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। यह जुलाई महीने में एक दिन में हुई पांचवीं सबसे अधिक बारिश है।
मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई में सबसे अधिक 24 घंटे की बारिश 1994 में 304 मिमी दर्ज की गई थी। इसके बाद 2018 में 282 मिमी, 2025 में 202.4 मिमी, 1991 में 183 मिमी और अब 2026 में 180 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। विभाग ने 29 जुलाई के लिए चंद्रपुर, गढ़चिरौली और गोंदिया में रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि नागपुर, अमरावती, भंडारा, वर्धा समेत कई जिलों में 29 और 30 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मंगलवार को नागपुर के अलावा भंडारा में 30 मिमी, गढ़चिरौली में 17 मिमी, ब्रह्मपुरी में 13 मिमी, चंद्रपुर में 11 मिमी, वर्धा में 8 मिमी, अकोला और यवतमाल में 6-6 मिमी, गोंदिया में 4 मिमी, अमरावती में 3 मिमी और बुलढाणा में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई।
लगातार चौथे साल एक दिन में रिकॉर्ड बारिश
नागपुर में लगातार चौथे वर्ष जुलाई के दौरान एक दिन में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई है। 2023 में 27 जुलाई को 164 मिमी, 2024 में 21 जुलाई को 164 मिमी, 2025 में 9 जुलाई को 202.4 मिमी और अब 2026 में 180 मिमी बारिश हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही इस तरह की अत्यधिक वर्षा जलवायु परिवर्तन के प्रभाव की ओर संकेत करती है।
मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा जलभराव
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दक्षिण-पश्चिम नागपुर विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा जलभराव देखने को मिला। खामला स्क्वायर, पडोले स्क्वायर, त्रिमूर्ति नगर, प्रताप नगर, जेताला और लंदन स्ट्रीट समेत कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं। कई इलाकों में लोग तीन से चार घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसे रहे, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।