नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में इस वर्ष स्वाइन फ्लू (इन्फ्लुएंजा A H1N1) से पहली मौत की पुष्टि हुई है। जुलाई महीने में संक्रमण के मामलों में तेजी आने के बीच नगर निगम (NMC) ने बताया कि इस महीने अब तक 15 लैब से पुष्टि किए गए H1N1 मामले सामने आए हैं, जो वर्ष 2026 के कुल मामलों के 60 प्रतिशत से अधिक हैं।
एच1एन1 डेथ ऑडिट कमेटी ने हाल ही में स्वाइन फ्लू से जुड़ी दो संदिग्ध मौतों की समीक्षा की। मेडिकल रिकॉर्ड, लैब रिपोर्ट, इलाज और अन्य बीमारियों की जांच के बाद समिति ने एक मरीज की मौत का कारण H1N1 संक्रमण माना, जबकि दूसरे मरीज की मौत अन्य गंभीर बीमारियों के कारण हुई और उसे स्वाइन फ्लू से संबंधित नहीं माना गया।
जनवरी से अब तक नागपुर में H1N1 के 25 पुष्ट मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से जुलाई के 15 मामलों में 13 नागपुर नगर निगम क्षेत्र के हैं। मामलों में अचानक बढ़ोतरी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरे नागपुर मंडल में निगरानी बढ़ा दी है।
नगर निगम ने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण (ILI) और गंभीर श्वसन संक्रमण (SARI) के मामलों पर विशेष नजर रखने, संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच कराने और लोगों को बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, H1N1 एक वायरल श्वसन संक्रमण है, जिसका समय पर इलाज होने पर अधिकांश मरीज ठीक हो जाते हैं। हालांकि बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे और मधुमेह, हृदय, किडनी, फेफड़ों की बीमारी या कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में यह गंभीर रूप ले सकता है।
इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, शरीर में दर्द, थकान और गंभीर स्थिति में सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं। डॉक्टरों ने ऐसे लक्षण दिखने पर, खासकर जोखिम वाले लोगों को, तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
नगर निगम ने बताया कि H1N1 के मामलों की रोजाना निगरानी की जा रही है। दवाइयों और उपचार की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। साथ ही हर H1N1 से जुड़ी मौत का मेडिकल ऑडिट भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नियमित रूप से हाथ धोने, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकने, बीमार होने पर मास्क पहनने और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचने की सलाह दी है।