नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में शनिवार को दो अलग-अलग कार्यक्रम चर्चा का विषय बने। एक ओर पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के समर्थन में निकाले गए शांतिपूर्ण मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, वहीं दूसरी ओर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की ओर से रामनगर चौक पर आयोजित रामरक्षा पाठ, महाआरती और सभा में पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
सोनम वांगचुक के समर्थन में आयोजित मार्च में छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के लोग शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों और छात्रों के भविष्य को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई। बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी इस मार्च की खास बात रही।
वहीं, रामनगर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के बाद उद्धव ठाकरे ने सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। दोनों आयोजनों के बाद शहर में इनकी तुलना को लेकर चर्चा भी होती रही। प्रत्यक्ष मौजूदगी के लिहाज से शांतिपूर्ण मार्च में अपेक्षाकृत अधिक लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है।
छात्र संगठन के नेता अतुल खोबरागड़े ने कहा कि नीट परीक्षा जैसे मुद्दे किसी एक दल के नहीं, बल्कि पूरे देश के छात्रों से जुड़े हैं। उनका कहना है कि ऐसे विषयों पर सभी राजनीतिक दलों को एक साथ आकर छात्रों के हित में काम करना चाहिए। इसी वजह से इस मुद्दे पर आयोजित मार्च को लोगों का व्यापक समर्थन मिला।