नागपुर न्यूज डेस्क: सितंबर की शुरुआत में विदर्भ में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, लेकिन पूरे महीने के लिए मौसम विभाग का अनुमान ज्यादा राहत देने वाला नहीं है। उत्तर विदर्भ में बारिश सामान्य या सामान्य से थोड़ी ज्यादा हो सकती है, जबकि बाकी विदर्भ में बारिश औसत से कम रहने का अनुमान है। ऐसे में खरीफ फसलों के लिए सितंबर में बारिश का सही समय और उसका वितरण काफी अहम रहेगा।
भारतीय मौसम विभाग ने 31 अगस्त को सितंबर का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इसके मुताबिक, सितंबर में देशभर में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। इस महीने देश में लंबे समय की औसत बारिश 167.9 मिलीमीटर रहती है, लेकिन इस बार इसके मुकाबले करीब 91 फीसदी से कम बारिश का अनुमान है। हालांकि, देश के कुछ हिस्सों में सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश भी हो सकती है।
विदर्भ में अगले कुछ दिनों के लिए बारिश की स्थिति थोड़ी राहत देने वाली है। 2 से 5 सितंबर के बीच कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि 6 से 8 सितंबर के बीच भी कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। 2 और 4 सितंबर को कुछ जगहों पर तेज बारिश, जबकि 3 सितंबर को कहीं-कहीं बहुत तेज बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। हालांकि, अगले कुछ दिनों का यह अनुमान पूरे सितंबर के पूर्वानुमान से अलग है।
सितंबर में बारिश कम रहने के साथ तापमान भी सामान्य से ज्यादा रह सकता है। विदर्भ और मराठवाड़ा में अधिकतम तापमान औसत से ऊपर रहने की संभावना है। सितंबर मानसून का आखिरी महीना होता है और इस दौरान होने वाली बारिश खरीफ फसलों, मिट्टी की नमी और जलस्रोतों के लिए काफी जरूरी होती है। अगस्त में राज्य में बारिश की कमी के बाद अगर सितंबर में भी बारिश कम रही तो विदर्भ के किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने आने वाले समय में अल नीनो के और मजबूत होने की संभावना जताई है, ऐसे में बारिश और तापमान पर सभी की नजर रहेगी।