नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर जिले के उमरेड इलाके में पिछले कई दिनों से दहशत का कारण बनी बाघिन को आखिरकार वन विभाग ने सफलतापूर्वक पकड़ लिया। बाघिन के पकड़े जाने से इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि उसके हमलों से ग्रामीणों में लगातार भय का माहौल बना हुआ था।
इस रेस्क्यू अभियान की सबसे खास बात महिला पशु चिकित्सक डॉ. प्रियल चोरगड़े का साहस रहा। उन्होंने खुद पिंजरे के अंदर बैठकर बाघिन को बेहोशी का इंजेक्शन देने का जोखिम उठाया और अभियान को सफल बनाया।
डॉ. प्रियल चोरगड़े इस तरह पिंजरे में बैठकर किसी बाघिन को बेहोश करने वाली महाराष्ट्र की पहली महिला पशु चिकित्सक बन गई हैं। उनके इस साहसिक कदम की हर तरफ सराहना हो रही है।
उमरेड क्षेत्र में पिछले ढाई से तीन महीनों के दौरान इस बाघिन के हमलों में 27 भेड़ें, कई मवेशी और छह चरवाहों की मौत हो चुकी थी। इसके अलावा दो किसानों पर भी हमला हुआ था, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ था।