नागपुर न्यूज डेस्क: हजरत बाबा ताजुद्दीन के वार्षिक शाही संदल जुलूस के कारण शनिवार शाम शहर के कई इलाकों में यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई। जुलूस को देखते हुए कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किए गए, जिससे लोगों को लंबा सफर तय करना पड़ा और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ा। हालांकि, अधिकांश लोगों ने माना कि हर साल लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी वाले इस धार्मिक आयोजन के लिए विशेष यातायात व्यवस्था जरूरी है।
शहर के प्रमुख चौराहों पर सुबह से ही ट्रैफिक पुलिस के जवान तैनात रहे और यातायात को सुचारु बनाए रखने की कोशिश करते रहे। डायवर्जन के कारण कई इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें भी देखने को मिलीं और लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से अधिक समय लगा।
मानेवाड़ा निवासी और कैब चालक रितेश धावले ने बताया कि बदले हुए रूट का उनके काम पर सीधा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि यात्रा का समय काफी बढ़ गया है, जिससे समय पर नई सवारी लेना और उन्हें गंतव्य तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा है।
एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने बताया कि पुलिसकर्मी सुबह साढ़े आठ बजे से ड्यूटी पर तैनात हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग सहयोग करते हैं, हालांकि कुछ लोग नियमों को लेकर बहस करते हैं, जिससे स्थिति संभालना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। पुलिस ने नागरिकों से शांति बनाए रखते हुए यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।