नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर की सड़कों पर कुछ मिनट और थोड़ा ईंधन बचाने के चक्कर में रॉन्ग साइड गाड़ी चलाने का चलन बढ़ता जा रहा है। कई वाहन चालक डिवाइडर से यू-टर्न लेने के बजाय सीधे गलत दिशा में वाहन दौड़ा देते हैं। इससे सामने से आने वाले वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वालों की जान पर भी खतरा बना रहता है। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद ऐसे मामलों में कमी नहीं आ रही है।
ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 11 सितंबर 2026 तक रॉन्ग साइड वाहन चलाने वाले 9,615 लोगों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई। पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 8,079 थी। एमआईडीसी ट्रैफिक डिवीजन में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज हुई, जहां पिछले साल 988 मामलों की तुलना में इस साल 1,994 वाहन चालकों पर कार्रवाई हुई। सोनेगांव में भी यह आंकड़ा 593 से बढ़कर 940 और इंदोरा में 641 से बढ़कर 730 हो गया।
रॉन्ग साइड ड्राइविंग के खिलाफ 23 अगस्त से विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके तहत अब तक 190 वाहन चालकों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। अकेले सोनेगांव में 15 दिनों के भीतर 45 मामले दर्ज हुए। इसके बाद कॉटन मार्केट में 21, इंदोरा में 19 और एमआईडीसी में 18 मामले सामने आए हैं। आंकड़ों से साफ है कि चालान और केस दर्ज होने के बावजूद लोग नियम तोड़ने से बाज नहीं आ रहे हैं।
शहर में सदर और संविधान चौक समेत कई जगह रॉन्ग साइड ड्राइविंग की समस्या ज्यादा देखी जा रही है। शाम के समय यू-टर्न से बचने के लिए वाहन चालक अंदरूनी रास्तों और फ्लाईओवर के पास गलत दिशा में घुस जाते हैं। बाजारों में सड़क किनारे खड़े वाहनों से रास्ता संकरा होने पर भी लोग रॉन्ग साइड का सहारा लेते हैं। सोनेगांव और वर्धा रोड पर एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले मार्ग पर यह खतरा और बढ़ जाता है, जहां तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक गलत दिशा से वाहन आ जाते हैं।