नागपुर न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र के नागपुर से राज्य परिवहन (एसटी) महामंडल की करीब 1.53 करोड़ रुपये कीमत की 'शिवाई' इलेक्ट्रिक बस चोरी होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यह बस 1 जुलाई की देर रात इमामवाड़ा बस डिपो के चार्जिंग स्टेशन से चोरी की गई थी। हालांकि, बस में लगे आधुनिक व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम की मदद से पुलिस ने कुछ ही घंटों में बस का पता लगाकर अमरावती के राजापेठ इलाके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विष्णु गणपति नीलावर (निवासी- रंगारेड्डी, तेलंगाना) के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने नागपुर से ई-बस चोरी करने की बात कबूल की। पुलिस के अनुसार आरोपी ने दावा किया है कि वह अब तक तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से करीब 20 बसें चोरी कर चुका है। इसके अलावा उसने महाराष्ट्र के नांदेड़ बस स्टैंड से भी पहले एक बस चोरी करने की बात स्वीकार की है। आरोपी के खिलाफ कई राज्यों में पहले से अनेक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी की गई इलेक्ट्रिक बस को तब तक चलाता था, जब तक उसकी बैटरी खत्म नहीं हो जाती थी। इसके बाद वह बस के महंगे टायर और बैटरी निकालकर बेच देता था। नागपुर से चोरी की गई बस भी वह अमरावती की ओर ले जा रहा था, लेकिन रास्ते में चार्जिंग खत्म होने के कारण उसका पूरा प्लान नाकाम हो गया।
एसटी महामंडल की सभी बसों में लगाए गए व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम ने इस मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। बस समय पर डिपो नहीं पहुंचने पर अधिकारियों ने ट्रैकिंग के जरिए उसका लोकेशन पता लगाया, जिसके बाद नागपुर पुलिस ने अमरावती पुलिस को अलर्ट किया। राजापेठ पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को चोरी की बस के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से अन्य बस चोरी के मामलों में भी पूछताछ कर रही है।