नागपुर न्यूज डेस्क: नौकरी के नाम पर पुर्तगाल भेजी गई नागपुर की महिला कथित मानव तस्करी के जाल में फंस गई। महिला का आरोप है कि उसने पुणे की माइग्रेशन कंसल्टेंसी ‘वी माइग्रेट’ को नौकरी के लिए करीब 8 लाख रुपये दिए थे। उसे पुर्तगाल में एक सुपरमार्केट में कैशियर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था। हालांकि, विदेश पहुंचने के बाद उसका पासपोर्ट कथित तौर पर जब्त कर लिया गया और उसे जबरन काम करने के लिए मजबूर किया गया।
पुणे पुलिस ने इस मामले में प्रतीमा भाटी, अजहर शेख, अमित कुमार झा और कपिल मिश्रा समेत आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें चार आरोपी पुर्तगाल में रहते हैं। पुलिस ने फिलहाल किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। पुणे क्राइम ब्रांच के डीसीपी गौहर हसन के मुताबिक, जांच अभी शुरुआती चरण में है और महिला के दावों की पुष्टि की जा रही है।
इंस्टाग्राम पर मिला नौकरी का ऑफर
एफआईआर के मुताबिक, नागपुर की महिला ने नवंबर 2025 में इंस्टाग्राम पर ‘वी माइग्रेट’ का पेज देखा था। इसके बाद उसने जनवरी 2026 में व्हाट्सऐप के जरिए कंपनी से संपर्क किया। महिला के अनुसार, एजेंसी ने पुर्तगाल में सुपरमार्केट में कैशियर की नौकरी के लिए करीब 11 लाख रुपये मांगे थे।
इसमें 8 लाख रुपये एजेंसी की फीस और बाकी रकम टिकट, वीजा, रहने और इंश्योरेंस के लिए बताई गई थी। महिला का दावा है कि उसे हर महीने करीब 1.5 लाख रुपये वेतन, आठ घंटे की नौकरी और सप्ताह में दो छुट्टियों का भरोसा दिया गया था। उसे यह भी बताया गया था कि तीन साल का वर्क परमिट मिलेगा और तीन महीने बाद वह अपने पति को डिपेंडेंट वीजा पर बुला सकेगी।
महिला ने पुलिस को बताया कि उसने अलग-अलग किस्तों में करीब 8 लाख रुपये दिए और आधार कार्ड, पासपोर्ट व बैंक स्टेटमेंट समेत कई दस्तावेज भी जमा किए।
स्पेन पहुंचने के बाद बदल गई पूरी कहानी
महिला के अनुसार, वह 21 जून को मैड्रिड पहुंची। वहां वंशी नाम के व्यक्ति ने उसे एक हॉस्टल में ठहराया। इसके बाद उसे एक अन्य व्यक्ति के घर ले जाया गया। महिला का आरोप है कि इसी दौरान उसका पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया गया और उसे वापस देने के लिए 40 हजार रुपये मांगे गए।
महिला ने दावा किया कि उसे एक अज्ञात व्यक्ति के साथ खाने के लिए भेजा गया और बाद में दो अन्य लड़कियों के साथ एक जगह पर रखा गया। इनमें एक राजस्थान और दूसरी हरियाणा की रहने वाली थी। 26 जून को उसे कथित तौर पर एक बीयर शॉप में करीब 12 घंटे काम करने के लिए मजबूर किया गया।
महिला का आरोप है कि उसे घर में भी काम कराया गया और इसी दौरान उसे पता चला कि उसे नौकरी के नाम पर कथित तौर पर दूसरे लोगों के हाथों सौंप दिया गया था।
पति को फोन कर बताई पूरी बात
महिला ने किसी तरह अपने पति से संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद वह वहां से निकलकर मैड्रिड पहुंची और 1 जुलाई को भारत लौट आई। बाद में उसने पुलिस से शिकायत की।
पुणे एयरपोर्ट पुलिस ने 5 अगस्त को मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी, धोखाधड़ी, जबरन वसूली, आपराधिक विश्वासघात, धमकी और आपराधिक साजिश समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि चूंकि कथित अपराध का बड़ा हिस्सा विदेश में हुआ है, इसलिए मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है।