नागपुर न्यूज डेस्क: जबलपुर–गोंदिया ब्रॉडगेज लाइन के शुरू होने के बाद बड़ी उम्मीदों के साथ चलाई गई पहली इंटरसिटी ट्रेन सेवा यात्रियों के अभाव से जूझ रही है। जबलपुर–चांदाफोर्ट सुपरफास्ट ट्रेन शुरुआत से ही पर्याप्त यात्री नहीं जुटा पाई है। हालत यह है कि न सिर्फ सीधी यात्रा करने वाले यात्रियों की कमी है, बल्कि बीच के स्टेशनों से भी अपेक्षित संख्या में लोग इस ट्रेन का उपयोग नहीं कर रहे हैं।
स्थिति इतनी खराब हो गई है कि ट्रेन के आरक्षित कोच अक्सर खाली ही चल रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने हाल ही में कुछ रिजर्व कोच हटाकर अनारक्षित डिब्बों की संख्या बढ़ाई, लेकिन इससे भी यात्रियों की संख्या में खास सुधार नहीं हुआ। अब यात्रियों की मांग है कि इस ट्रेन को चांदाफोर्ट तक सीमित रखने के बजाय नागपुर तक बढ़ाया जाए, जिससे इसकी उपयोगिता बढ़ सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस ट्रेन को नागपुर तक विस्तारित किया जाता है, तो यह यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक विकल्प बन सकती है। जबलपुर से नागपुर के बीच सीधी इंटरसिटी सेवा फिलहाल उपलब्ध नहीं है। गोंदिया रूट के जरिए यह दूरी करीब 6 से 7 घंटे में पूरी की जा सकती है, जिससे यात्री एक ही दिन में आना-जाना कर सकेंगे और रेलवे को भी बेहतर राजस्व मिल सकता है।
ट्रेन के घाटे में जाने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। चांदाफोर्ट तक सीमित रूट, कनेक्टिंग ट्रेनों की कमी, समान समय पर चलने वाली दूसरी ट्रेनों से प्रतिस्पर्धा और किराए में अंतर जैसे कारक इसमें शामिल हैं। खासतौर पर जबलपुर–रायपुर इंटरसिटी के मुकाबले यह ट्रेन कम आकर्षक साबित हो रही है, जिसके चलते यात्री इसे नजरअंदाज कर रहे हैं।