नागपुर न्यूज डेस्क: राज्य सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लेते हुए वर्ष 2011 तक सरकारी जमीन पर किए गए आवासीय अतिक्रमण को नियमित करने की घोषणा की है। इस निर्णय के तहत 500 वर्गफीट तक के कब्जों को पूरी तरह निशुल्क वैध किया जाएगा। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थलों पर किए गए अतिक्रमण पर कार्रवाई जारी रहेगी और उन्हें हटाया जाएगा।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस संबंध में शासन निर्णय जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम लाखों गरीब परिवारों के लिए घर की समस्या का समाधान करेगा और उन्हें स्थायित्व प्रदान करेगा। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ईंधन को लेकर किसी तरह की घबराहट न फैलाएं, क्योंकि गैस, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के लिए भी राहत देने की दिशा में कदम उठाया है। लंबित भूमि अधिग्रहण मामलों के समाधान के लिए केंद्र सरकार की ओर से राज्य में 57 नए आर्बिट्रेटर नियुक्त किए गए हैं। इससे करीब 28 हजार लंबित दावों का जल्द निपटारा होने की उम्मीद है, जिससे किसानों और प्रभावित परिवारों को राहत मिलेगी।
इसके अलावा, किसानों के कर्ज माफी को लेकर भी सरकार सक्रिय है। प्रवीण परदेशी समिति इस पर काम कर रही है और 2 लाख रुपये तक की कर्ज माफी पर विचार किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह लाभ केवल छोटे और जरूरतमंद किसानों तक ही सीमित रहेगा, ताकि योजना का सही लोगों को फायदा मिल सके।