नागपुर न्यूज डेस्क: शिक्षक नियुक्ति से जुड़े मामले में नागपुर से बड़ी जानकारी सामने आई है। शालार्थ आईडी घोटाले की जांच के दौरान शिक्षा विभाग को कुछ और शिक्षक नियुक्तियों पर भी शक हुआ था। अब अकेले नागपुर विभाग के 1397 शिक्षकों की नियुक्ति की दोबारा जांच की जाएगी। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह से यह प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
शिक्षा विभाग की जांच में सामने आया था कि 2012 के बाद कई शिक्षकों की नियुक्तियां नियमों के खिलाफ तरीके से की गईं। इसी वजह से अब इन 1397 शिक्षकों को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा। इस दौरान उनके शैक्षणिक और दूसरे जरूरी दस्तावेजों के साथ-साथ नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया की जांच होगी। नागपुर विभागीय शिक्षा मंडल के अध्यक्ष शिवलिंग पटवे ने बताया कि यह जांच अदालत की गाइडलाइन के अनुसार की जाएगी और जो शिक्षक दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
शालार्थ आईडी मामले के बाद पूर्व विदर्भ के छह जिलों में 2012 से अब तक हुई शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों की नियुक्तियों की भी जांच चल रही है। इन नियुक्तियों को दी गई व्यक्तिगत मंजूरियों से जुड़े प्रस्तावों की जांच के लिए प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशकों के नेतृत्व में बनी समितियों ने नागपुर में दो दिन तक जांच की। इस दौरान करीब एक हजार मामलों की पड़ताल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि नियुक्त किए गए शिक्षकों के पास जरूरी शैक्षणिक योग्यता थी या नहीं और भर्ती प्रक्रिया नियमों के मुताबिक हुई थी या नहीं। उम्मीदवारों की ओर से जमा किए गए शैक्षणिक और दूसरे प्रमाणपत्र सही हैं या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। साथ ही संबंधित कर्मचारियों की मौजूदा सेवा स्थिति और जरूरी दस्तावेज पूरे होने की भी जानकारी जुटाई जा रही है। शालार्थ आईडी मामले के बाद शिक्षा विभाग में नियुक्तियों से जुड़ी कई अनियमितताएं सामने आने पर कुछ शिक्षा अधिकारियों और उपसंचालकों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी।