नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में बॉम्बे हाई कोर्ट की खंडपीठ ने विदर्भ में पड़ रही भीषण गर्मी और परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी को देखते हुए शुक्रवार को स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की खंडपीठ ने इस मामले में जनहित याचिका शुरू करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे 3 मई को होने वाली NEET (UG) सहित प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के लिए तत्काल बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करें। अदालत ने नागपुर में 45 डिग्री सेल्सियस के करीब तापमान को देखते हुए यह कदम उठाया है, क्योंकि इसी तरह की व्यवस्थागत खामियां राज्य-CET प्रवेश परीक्षाओं और CA फाइनल परीक्षाओं के केंद्रों पर भी हो सकती हैं।
महाराष्ट्र दिवस की छुट्टी होने के बावजूद, अदालत ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल सुनवाई की। खंडपीठ ने टिप्पणी की कि परीक्षा केंद्र उचित वेंटिलेशन, कूलिंग की व्यवस्था, पीने के पानी और बुनियादी चिकित्सा सहायता जैसी आवश्यक सुविधाओं से लैस नहीं हो सकते हैं। अदालत ने आगाह किया कि छात्रों को भीषण गर्मी में परीक्षा देने के लिए मजबूर करना उन्हें डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे में डाल सकता है। इसे "सार्वजनिक महत्व" का मुद्दा बताते हुए, जजों ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं है, बल्कि छात्रों के स्वास्थ्य और कल्याण का मामला है।
संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए, अदालत ने कहा कि छात्रों को ऐसे जोखिम भरे माहौल में परीक्षा देने के लिए कहना संवैधानिक गारंटी के अनुरूप नहीं है। खंडपीठ ने इंदौर बेंच के 2025 के उस फैसले का भी उल्लेख किया, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था। उस फैसले में अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध बिजली, उचित बैठने और कूलिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने चिंता व्यक्त की कि यदि ऐसी सुविधाएं नहीं दी गईं, तो परीक्षा के दौरान होने वाली असुविधा छात्रों के वर्षों की मेहनत और उनके करियर के सपनों को प्रभावित कर सकती है।
अदालत के इस कड़े रुख के बाद अधिकारियों पर छात्रों के लिए सुरक्षित और उचित माहौल तैयार करने का दबाव बढ़ गया है। इस हस्तक्षेप का उद्देश्य केवल NEET परीक्षा ही नहीं, बल्कि उन सभी परीक्षाओं को सुरक्षित बनाना है जो आने वाले दिनों में आयोजित की जानी हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भी इस मामले में दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए सचेत किया गया है। अब प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षा केंद्रों पर गर्मी से बचने के सभी आवश्यक उपाय किए जाएं ताकि छात्रों को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो।