नागपुर न्यूज डेस्क: विदर्भ के अधिकांश जिलों में दो दिनों तक मध्यम से भारी बारिश होने का मौसम विभाग का अनुमान सोमवार को गलत साबित हुआ। शाम के समय आसमान में बादल जरूर छाए थे, लेकिन कहीं भी बारिश दर्ज नहीं हुई। इसके विपरीत, तापमान में बढ़ोतरी हुई और गर्मी ने लोगों को काफी परेशान किया। हालांकि, मौसम विभाग का यह अनुमान अभी भी कायम है कि अगले 24 घंटों के भीतर बेमौसम बारिश के बादल बरस सकते हैं।
शनिवार से बने आंशिक रूप से बादलों के कारण रविवार को तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। नागपुर में पारा गिरकर 41.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया था, लेकिन सोमवार को इसमें 1.4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई और यह 43.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। चंद्रपुर में तापमान में आंशिक गिरावट के साथ 43.4 डिग्री दर्ज किया गया, लेकिन ब्रह्मपुरी का पारा 44.4 डिग्री तक चढ़ गया, जो राज्य में सबसे अधिक है। वर्धा, गढ़चिरौली और अकोला में भी तापमान 43 डिग्री के पार चला गया है, जबकि अमरावती और वाशिम में पारा 42 डिग्री और अन्य जिलों में 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है।
मौसम विभाग ने 3 से 5 मई के बीच विदर्भ में बादलों की आवाजाही और आंधी के साथ मध्यम से भारी बारिश की भविष्यवाणी की थी, जो अगले 24 घंटों के लिए भी लागू है। वर्तमान स्थितियों को देखते हुए, कुछ दिनों तक धूप और बादलों की लुका-छिपी का खेल जारी रहने की संभावना है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि मई के पहले सप्ताह में भीषण गर्मी का प्रकोप फिलहाल नहीं रहेगा। हालांकि, सूर्य का उत्तरायण शुरू होने और महाराष्ट्र के ऊपर से गुजरने के कारण आने वाले दिनों में गर्मी की तपिश बढ़ना निश्चित माना जा रहा है।
पिछले साल 'नवतपा' के दौरान बारिश के कारण गर्मी की तीव्रता उतनी महसूस नहीं हुई थी। इस साल का 'नवतपा' लोगों को तपाएगा या राहत देगा, यह आने वाले दिनों के मौसम में होने वाले बदलावों से ही स्पष्ट हो पाएगा।