नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर के सरकारी डागा अस्पताल (Government Daga Hospital) से चिकित्सा लापरवाही का एक बेहद गंभीर और विचलित करने वाला मामला सामने आया है। एक महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान घंटों इंतजार कराने और प्रसव की प्रक्रिया में अनुचित बल प्रयोग के कारण उसके बच्चे की मौत होने का आरोप लगाया गया है।
पीड़ित महिला दीप्लता बनोते के पति सुरेंद्र बनोते का आरोप है कि उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा के साथ सुबह 11 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उन्हें लगभग नौ घंटे तक इंतजार कराया गया। सुरेंद्र का सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि प्रसव के दौरान एक महिला अटेंडेंट ने बच्चे के जन्म में मदद करने के नाम पर उनकी पत्नी की छाती पर बैठकर और अपने घुटनों का इस्तेमाल कर दबाव बनाया। परिवार का कहना है कि पूरी गर्भावस्था सामान्य थी, फिर भी अत्यधिक बल प्रयोग के कारण बच्चा मृत पैदा हुआ।
इस घटना ने अस्पताल में मरीजों की देखभाल और प्रसव की पारंपरिक पद्धतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय पार्षद वसीम खान ने भी आरोप लगाया है कि इस अस्पताल में इलाज और स्टाफ के व्यवहार को लेकर शिकायतें अक्सर आती रहती हैं।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक (Medical Superintendent) दिलीप मडावी ने इन आरोपों को यह कहकर खारिज कर दिया कि "ऐसी घटना नहीं हो सकती", हालांकि उन्होंने कैमरे के सामने विस्तृत बयान देने से इनकार कर दिया। पीड़ित परिवार ने इस मामले में उचित जांच और न्याय की मांग की है, जबकि घटना के बाद अस्पताल प्रशासन के खिलाफ स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।