नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर अब क्षेत्रीय विमानन प्रशिक्षण के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरने की तैयारी में है। नागपुर फ्लाइंग क्लब (NFC) ने एक अत्याधुनिक 'फ्लाइट सिम्युलेटर' खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कदम से न केवल प्रशिक्षण की लागत कम होगी, बल्कि प्रशिक्षु पायलटों को अनिवार्य प्रमाणन (Certification) के लिए अब दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
विभागीय आयुक्त कार्यालय द्वारा सिंगल-इंजन और मल्टी-इंजन सिम्युलेटर सिस्टम के लिए टेंडर जारी किया गया है। यह सुविधा कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) के उम्मीदवारों के लिए बेहद जरूरी है। वर्तमान में, नागपुर के छात्रों को 20 घंटे का अनिवार्य सिम्युलेटर प्रशिक्षण पूरा करने के लिए तेलंगाना, मध्य प्रदेश या बारामती जाना पड़ता है। इस यात्रा और प्रशिक्षण पर प्रत्येक छात्र को ₹75,000 से ₹1 लाख तक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है।
एनएफसी (NFC) की प्रमुख और विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षण को सरल और सुलभ बनाना है। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही यह सुविधा हमारे छात्रों के लिए उपलब्ध होगी। इससे न केवल छात्रों का समय और पैसा बचेगा, बल्कि संस्थान को होने वाली आय भी नागपुर में ही रहेगी, जो अब तक बाहरी एजेंसियों के पास जा रही थी।
प्रस्तावित सिम्युलेटर में डायमंड DA42 जैसे आधुनिक विमानों और गार्मिन-सज्जित प्रणालियों का अनुभव मिल सकेगा। डीजीसीए (DGCA) से मंजूरी मिलने और वर्क ऑर्डर जारी होने के छह महीने के भीतर इसे स्थापित कर दिया जाएगा। वर्तमान में क्लब में 42 छात्र प्रशिक्षण ले रहे हैं, जिन्हें इस इन-हाउस सुविधा से बेहतर शेड्यूलिंग और कम प्रतीक्षा समय का लाभ मिलेगा।