नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में भाजपा के शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी का व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने का एक गंभीर मामला सामने आया है। जालसाजों ने उनके अकाउंट का एक्सेस हासिल कर उनके संपर्कों (Contacts) को मैसेज भेजकर पैसों की मांग शुरू कर दी थी। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब उनके एक परिचित को संदेह हुआ और उसने मंगलवार, 28 अप्रैल को फोन करके इसकी जानकारी दी।
घटना की जानकारी मिलते ही दयाशंकर तिवारी ने तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उनके अकाउंट को रिस्टोर (Restored) कर लिया है। अधिकारियों ने आम जनता को सलाह दी है कि सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर पैसों की किसी भी मांग को पूरा करने से पहले संबंधित व्यक्ति से फोन पर बात कर पुष्टि जरूर करें।
आईटी प्रोफेशनल भी हुए शिकार
साइबर ठगी का एक और चौंकाने वाला मामला मुंबई के सांताक्रूज से सामने आया है, जहाँ वर्षों से साइबर धोखाधड़ी के प्रति लोगों को जागरूक करने वाले एक रिटायर्ड आईटी प्रोफेशनल खुद 2.5 लाख रुपये की ठगी का शिकार हो गए।
धोखाधड़ी का तरीका:
फेक कॉल: शिकायतकर्ता ने टाटा पावर (Tata Power) में नाम परिवर्तन के लिए आवेदन किया था। जालसाज ने खुद को कंपनी का अधिकारी बताकर व्हाट्सएप कॉल किया।
सटीक जानकारी: ठग के पास शिकायतकर्ता का नया उपभोक्ता नंबर और पता जैसी सटीक जानकारी थी, जिससे उसका विश्वास जीतना आसान हो गया।
APK फाइल: निजी तनाव और काम की जल्दबाजी में पीड़ित ने जालसाज के कहने पर एक 'APK फाइल' इंस्टॉल कर ली।
इंस्टेंट लोन: जालसाजों ने न केवल बैंक खाते की राशि उड़ाई, बल्कि पीड़ित के नाम पर 'इंस्टेंट लोन' भी ले लिया, जिससे ठगी की रकम बढ़ गई।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन में कोई अनजान फाइल या ऐप डाउनलोड न करें, भले ही कॉलर के पास आपकी कुछ व्यक्तिगत जानकारियां ही क्यों न हों।