नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर-सूरत राष्ट्रीय राजमार्ग विदर्भ, मराठवाड़ा, खानदेश और गुजरात को जोड़ने वाला एक अहम रास्ता है। इस हाईवे से बड़ी मात्रा में औद्योगिक सामान, खेती से जुड़ी उपज और यात्रियों की आवाजाही होती है। लेकिन धुले जिले में कई जगह सड़क और पुलों का काम अधूरा होने से वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। खासकर धुले तालुका के नेर-भदाणे इलाके में काम अधूरा होने के कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
कच्चे रास्तों से गुजरने को मजबूर वाहन चालक
हाईवे के कुछ हिस्सों में मुख्य सड़क बंद कर ट्रैफिक को कच्चे वैकल्पिक रास्तों से निकाला जा रहा है। ये रास्ते संकरे और ऊबड़-खाबड़ हैं, साथ ही यहां काफी धूल भी उड़ती है। इससे ट्रक, बस और दूसरे वाहनों को निकलने में दिक्कत होती है। बारिश के दौरान कीचड़ और गर्मी में धूल के कारण सफर और मुश्किल हो जाता है। सड़क पर गाड़ियों की रफ्तार कम होने से लंबा जाम लग जाता है। ट्रांसपोर्टरों के मुताबिक, इस वजह से सफर में ज्यादा समय लग रहा है, ईंधन का खर्च बढ़ रहा है और गाड़ियों की टूट-फूट भी ज्यादा हो रही है। सामान समय पर पहुंचाने में देरी होने से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। कई जगह दिशा बताने वाले बोर्ड, रोशनी और सुरक्षा के इंतजाम भी पर्याप्त नहीं हैं।
अधूरे कामों से हादसों का खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क और पुलों का काम अधूरा होने से छोटे-बड़े हादसों का खतरा बढ़ गया है। रात के समय वैकल्पिक रास्तों से गुजरने वाले वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी होती है। ऐसे में अधूरे पुल, सर्विस रोड और दूसरे निर्माण कार्य जल्द पूरे करने की मांग तेज हो गई है। धुले जिले से मुंबई-आगरा हाईवे और नागपुर-सूरत हाईवे जैसे अहम रास्ते गुजरते हैं। इसके अलावा प्रस्तावित मनमाड-इंदौर रेल मार्ग भी इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में सड़कों पर रुकावट का असर यात्रियों के साथ-साथ उद्योगों तक सामान पहुंचाने और किसानों की उपज समय पर बाजार तक पहुंचाने पर भी पड़ रहा है।
वाहन चालकों ने जल्द काम पूरा करने की मांग की
धुले से सूरत के बीच कई जगह स्पीड ब्रेकर, डिवाइडर, पुल और समानांतर सड़कों का काम अब भी चल रहा है। इन जगहों पर वाहन चालकों को काफी सावधानी से गाड़ी चलानी पड़ती है। निर्माण कार्य के कारण कई बार ट्रैफिक बिगड़ जाता है और वाहन चालकों के बीच विवाद भी हो जाते हैं। धुले के वाहन चालक योगेश चौधरी का कहना है कि हाईवे पर सफर करते समय लोगों को एक बड़े और आधुनिक राजमार्ग जैसी सुविधा मिलनी चाहिए। लेकिन कई जगह चल रहे कामों के कारण यह राष्ट्रीय राजमार्ग भी सामान्य राज्य मार्ग जैसा लगता है। वाहन चालकों और स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग अधूरे कामों को जल्द पूरा करें, ताकि ट्रैफिक सुचारु हो सके और सफर सुरक्षित बने।