नागपुर न्यूज डेस्क: अल निनो के प्रभाव के चलते इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून पर असर पड़ने की संभावना जताई गई है। इसके कारण नागपुर विभाग में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है, जो करीब 92 प्रतिशत से भी कम रह सकती है। मौसम विभाग और प्रशासन ने इसे लेकर प्रारंभिक आकलन जारी किया है।
हालांकि बारिश कम होने के बावजूद कुछ क्षेत्रों में अचानक तेज बारिश और अतिवृष्टि की स्थिति बन सकती है। इससे स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी परिस्थितियाँ उत्पन्न होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा के दौरान विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने सभी जिलों को अलर्ट मोड में रहने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहें और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान पहले से कर ली जाए।
वैनगंगा, कन्हान और पेंच नदी के आसपास के इलाके विशेष रूप से संवेदनशील माने गए हैं। इन क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए अलग से व्यवस्था, राहत सामग्री, दवाइयाँ और निकासी योजनाएँ तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।